नोटबंदी के बीच नवंबर माह में थोक महंगाई दर में हुई तेज गिरावट

थोक कीमतों पर आधारित मुद्रास्फीति की सालाना दर नवंबर में घटकर 3.15 फीसदी रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 3.39 फीसदी थी. बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली.

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल नवंबर में वार्षिक मुद्रास्फीति दर नकारात्मक 2.04 फीसदी थी.

एक दिन पहले केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला था कि खुदरा मुद्रास्फीति में भी पिछले महीने गिरावट आई है और यह 3.63 फीसदी रही, जबकि पिछले साल अक्टूबर में यह 4.20 फीसदी थी.

डब्ल्यूपीआई में गिरावट का मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों का नवंबर में घटकर 1.54 फीसदी होना है, जबकि अक्टूबर में यह 4.34 फीसदी थी.

वहीं, प्याज का सालाना आधार पर थोक मुद्रास्फीति दर घटकर नकारात्मक 51.51 फीसदी रही. कुल मिलाकर सब्जियों की महंगाई दर नकारात्मक 24.10 फीसदी रही.

इसके विपरीत, आलुओं की महंगाई दर सालाना आधार पर नवंबर में 36.97 फीसदी और दालों की 21.73 फीसदी रही.

इस दौरान गेहूं की मंहगाई दर बढ़कर 10.71 फीसदी और प्रोटीन आधारित खाद्य पदार्थ जैसे अंडे, मांस और मछली की महंगाई दर भी बढ़कर 5.82 फीसदी रही.