बहुगुणा का हलफनामा, 15 फरवरी तक सरकारी आवास खाली कर देंगे

पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मंगलवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट को हलफनामा दाखिल कर जानकारी दी कि वह उसके द्वारा तय की गई 15 फरवरी की समयसीमा के अंदर सरकारी आवास खाली कर देंगे.

इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहे हाईकोर्ट द्वारा पांच दिसंबर को पूर्व मुख्यमंत्रियों को लिखित हलफनामा दाखिल कर सरकारी आवास खाली करने के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए गए थे।

याचिकाकर्ता के वकील कार्तिकेय हरि गुप्ता ने कहा कि इसी क्रम में बहुगुणा ने हाईकोर्ट को बताया है कि वह उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में आवंटित सरकारी आवास ‘बीजापुर हाउस’ को तय की गई समयसीमा 15 फरवरी को या उससे पहले ही खाली कर देंगे.

हलफनामे में बहुगुणा ने यह भी बताया है कि बीजापुर हाउस में रहने के ऐवज में राज्य सरकार द्वारा जोड़ी गयी रकम 39,440 रुपये भी वह पंजाब नेशनल बैंक के चेक के माध्यम से जमा करवा रहे हैं.

नैनीताल स्थित गैर सरकारी संगठन रूरल लिटिगेशन एंड एनटाइटलमेंट केंद्र (रूलक) ने हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित सरकारी आवासों को खाली करने के राज्य सरकार को निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था.

याचिका में कई सरकारी कार्यालयों के किराए की इमारतों में चलने का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास आवंटित करने के राज्य सरकार के औचित्य पर सवाल खड़े किए गए थे.

याचिका में राज्य सरकार के साथ ही राज्य के पांचों पूर्व मुख्यमंत्रियों भगत सिंह कोश्यारी, नारायणदत्त तिवारी, भुवनचंद्र खंडूरी, रमेश पोखरियाल निशंक और विजय बहुगुणा को प्रतिवादी बनाया गया है.

हाईकोर्ट ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 फरवरी तक सरकारी आवास खाली करने के आदेश देते हुए कहा था कि अगर इस समयसीमा का पालन नहीं किया गया तो आवास खाली करवाने के लिए बलप्रयोग भी किया जा सकता है.