‘नोटबंदी के कारण चार लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं’

उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून पहुंचे हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि नोटबंदी की मार से 4 लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं. उन्होंने नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वह खुद भी उत्तराखंडी हैं. उनके भाई और भतीजे बाजपुर में रहते हैं.

हुड्डा ने कहा कि कालाधन रोकने, आतंकवाद पर लगाम लगाने और नकली नोटों पर रोकथाम के उद्देश्य का कांग्रेस भी समर्थन करती रही है. लेकिन आनन-फानन में नोटबंदी का फैसला लिया गया है. बिना तैयारी के केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है.

कालाधन उन लोगों के पास ही होगा जो गलत तरीके से पैसे बनाते हैं, लेकिन ये लोग अपने पास कैश नहीं रखते. 98 प्रतिशत लोग बैंकों में लंबी लाइन में खड़े हैं, जो इनकम टैक्स नहीं देते हैं. सवाल ये है कि क्या 98 प्रतिशत लोगों के पास काला धन है.

bhupinder-singh-hooda

नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार की विफलता लगातार जारी है. कई बार अपने ही नोटबंदी के फैसलों को सरकार बदलती रही. अब डॉलर 5-7 प्रतिशत और उछाल मारेगा. कैशलेस की बात भी बेमानी है. गांवों में बैंक नहीं है. 90 प्रतिशत छोटे व्यापारी और दिहाड़ी मजदूर कैश लेकर ही जीवन यापन करते हैं.

बिना कैश के कैसे काम होगा. पहले से ही देश में बेरोजगारी है और अब लोग ज्यादा बेरोजगार हो रहे हैं. केंद्र सरकार ने हर साल 2 लाख लोगों को रोजगार देने की बात कह रही थी, अब 2 लाख लोग बेरोजगार हो रहे हैं.

हुड्डा ने कहा, नोटबंदी से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है. नोटबंदी का लाभ केवल बड़े लोगों को मिल रहा है। आम आदमी की बचत का पैसा इन लोगों को मिल रहा है. केंद्र सरकार बड़े कर्ज़दारों को लाभ दिलाने की कवायद में जुटी है. मोदी सरकार का नोटबंदी का फैसला पूरी तरह से विफल हो रहा है.