बीजेपी का आरोप, उत्तराखंड सरकार ने खास कंपनी को ठेका देने के लिए बदलीं नियम-शर्तें

बीजेपी ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार ने केदारनाथ में एक विशेष विमानन कंपनी को हेलीकॉप्टर सेवा का ठेका देने के लिए निविदा की शर्तें उसके अनुसार तय कीं, जो सभी को समान अवसर दिए जाने के नैसर्गिक सिद्धांत के भी खिलाफ है.

मामले के उत्तराखंड हाईकोर्ट में लंबित होने का जिक्र करते हुए बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि अगर कोई कानूनी अड़चन न हुई तो राज्य सरकार के खिलाफ पार्टी जल्द ही राष्टीय प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण (एनसीटी) में शिकायत दर्ज कराएगी.

यहां संवाददाताओं से बातचीत में चौहान ने आरोप लगाया कि राज्य की हरीश रावत सरकार ने केदारनाथ में हवाई सेवा देने के लिए आमंत्रित निविदा में ऐसी शर्तें लगायी हैं, जिससे वहां पिछले 10-12 सालों से हेलीकॉप्टर सेवा संचालित कर रहीं 9 कंपनियां दौड़ से बाहर हो गईं.

उन्होंने कहा कि पहले केदारनाथ में हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान करने के लिए कंपनियों के लिए कम से कम तीन साल का दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान का अनुभव और डीजीसीए का ऑडिट मांगा जाता था. हालांकि, चौहान ने कहा, ‘लेकिन एक कंपनी विशेष को केदारनाथ का ठेका देने के लिए राज्य सरकार ने इन शर्तों को हटाकर एक नई शर्त यह रख दी कि कंपनी के पास अपना छह पंखे वाला नौ सीट का हेलीकॉप्टर होना चाहिए.’ उन्होंने केदारनाथ में हवाईपट्टी न होने के बावजूद इस शर्त को रखने के औचित्य पर भी सवाल खड़ा किया.

चौहान ने कहा कि नई शर्त लगाते ही वहां पहले से हेलीकॉप्टर सेवा दे रहीं, 9 कंपनियां दौड़ से बाहर हो गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि हेरिटेज एविएशन नाम की कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए ही राज्य सरकार ने ऐसा किया. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के मंत्री तथा अन्य प्रभावशाली लोग इस कंपनी के हेलीकॉप्टर में घूमते देखे जा सकते हैं.

हेरिटेज एविएशन का पंजीकरण साल 2015 में होने का दावा करते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि कंपनी को ठेका देने के लिए राज्य सरकार ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में तीन साल के उड़ान के अनुभव वाली पुरानी शर्त को भी हटा दिया.