ओवैसी ने पीएम मोदी पर बोला हमला, कहा- ‘मुस्लिमों को बेवजह परेशान किया जा रहा है’

एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी

नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी निंदा करते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उन्हें एक ऐसा तनाशाह बताया है. ओवैसी ने कहा कि उन्होंने अपने अहं की तुष्टि के लिए प्रत्येक घर में तबाही मचाई है.

हैदराबाद में एक रैली के दौरान ओवैसी ने कहा कि नोटबंदी के बाद मुस्लिमों को बेवजह परेशान किया जा रहा है. ओवैसी ने आरोप लगाया कि मुस्लिम बहुल इलाकों में लगे एटीएम में न तो पैसा डाला जा रहा है और न ही बैंक खोले जा रहे हैं. जिसके कारण मुस्लिमों के पास पैसों की किल्लत हो गई है.

ओवैसी ने कहा कि गत 8 नवम्बर को की गई नोटबंदी के साथ मोदी जिस तरह की क्रांति लाने का सपना देख रहे हैं, वह कभी भी नहीं होगी, क्योंकि नोटबंदी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है. उन्होंने कहा कि वास्तव में प्रधानमंत्री ने एक झटके में गरीबों और वंचित वर्गों की जीविका खत्म कर दी है.

सांसद ने कहा कि पीएम मोदी को याद रखना चाहिए कि जो लोग आज बैंकों और एटीएम के बाहर कतारों में खड़े हैं, वे मतदान के दिन उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए भी कतारों में खड़े होंगे.

ओवैसी ने हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘आप आज सत्ता में हैं, लेकिन कल आप वहां नहीं होंगे. कई प्रधानमंत्री आए और चले गए. आप भी चले जाएंगे.’

‘ईद मिलाद-उन-नबी’ मनाने के लिए एआईएमआईएम के मुख्यालय में आयोजित सभा में हजारों लोग उपस्थित थे। सभा रविवार रात शुरू हुई और सोमवार की सुबह तक जारी रही. हैदराबादी मुहावरों के उन्मुक्त इस्तेमाल के साथ उर्दू में बोलते हुए ओवैसी ने खुद को एक फकीर कहने के लिए मोदी पर कटाक्ष किए.

ओवैसी ने कहा, ‘क्या एक फकीर 15 लाख रुपये मूल्य का सूट पहनेगा? आप किस तरह के फकीर हो जो प्रतिदिन नए कपड़े पहनता है और नई शैली में नई शॉल ओढ़ता है, जो 50 दिनों के लिए गरीबों को परेशानी में डालना चाहता है और जिसे 120 लोगों की मौत की कोई चिंता नहीं है. आप फकीर नहीं, बल्कि जालिम हो.’

उन्होंने कहा कि आर्थिक विशेषज्ञों ने नोटबंदी के कारण विकास दर में 3 प्रतिशत गिरावट का अनुमान लगाया है. उन्होंने कहा कि गत 30 नवम्बर तक 500 और 1000 रुपये के अमान्य नोटों में 12.5 लाख करोड़ रुपये बैंकों में जमा किए गए थे. सांसद ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या यह कालाधन था?

उन्होंने कहा कि मोदी ने ऐसे समय में प्रत्येक परिवार को परेशानी में डाला है जब दो साल के बाद अच्छी वर्षा हुई थी और शादी का मौसम शुरू ही हुआ था. सांसद ने कहा कि मूल्य नियंत्रण और 100 दिनों में कालाधन देश में वापस लाने के वादों समेत मोदी हर मोर्चे पर विफल हुए हैं.