अगर पाकिस्तान नहीं बदला तो ’10 टुकड़ों में बंट’ जाएगा : राजनाथ सिंह

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कठुआ में पाकिस्तान पर भारत को धार्मिक आधार पर बांटने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया और पड़ोसी देश को चेतावनी दी कि अगर वह आतंकवाद को समाप्त करने में नाकाम रहा तो 10 देशों में बंट जाएगा.

राजनाथ सिंह ने कठुआ जिले में शहीद दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘पाकिस्तान भारत को धार्मिक आधार पर बांटने का षड्यंत्र रच रहा है, लेकिन वह सफल नहीं होगा. हमें 1947 में धार्मिक आधार पर बांटा गया था. हम उसे भूल नहीं पाये हैं..सभी भारतीय भाई हैं, चाहे वे हिंदू मां की कोख से पैदा हुए हों या मुस्लिम मां की कोख से’. उन्होंने पाकिस्तान पर भारत के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया.

सिंह ने कहा, ‘हम पाकिस्तान के साथ शांति से रहना चाहते हैं, लेकिन वह भारत के खिलाफ एक छद्म युद्ध को प्रायोजित करने में लिप्त रहा है. भारत के प्रत्येक प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने चाहे, लेकिन उसने शांति की भाषा नहीं समझी और भारत पर चार बार हमला किया. यद्यपि हमारे बहादुर सैनिकों ने उन्हें करारा जवाब दिया’.

उन्होंने कहा कि बार-बार की पराजय के बाद पाकिस्तान यह समझ गया है कि वह युद्ध में भारत को पराजित नहीं कर सकता इसलिए वह छद्म युद्ध को प्रायोजित करने पर उतर आया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद बहादुर नहीं बल्कि कमजोरों का हथियार है. सिंह ने कहा, ‘भारत के धार्मिक आधार पर विभाजन के बाद पाकिस्तान अस्तित्व में आया, लेकिन खुद को अखंड नहीं रख सका. 1971 में, वही पाकिस्तान फिर दो टुकड़ों में विभाजित हो गया और मैं समझता हूं कि अगर पाकिस्तान ने अपने तरीके नहीं सुधारे तो वह और 10 टुकड़ों में बंट जाएगा तथा उस विभाजन में भारत की कोई भूमिका नहीं होगी’.

राजनाथ ने कहा कि जहां पूरा विश्व आईएसआईएस के प्रसार को लेकर चिंतित है.. वहीं आतंकवादी संगठन भारत में अपनी जड़े फैलाने में असफल रहा है. गृहमंत्री ने कहा, ‘जब पूरा विश्व आईएसआईएस को लेकर चिंतित है, देश के गृह मंत्री के रूप में कह सकता हूं, क्योंकि मैं वास्तविकता जानता हूं कि आईएसआईएस भारत में अपनी जड़ें जमाने में कामयाब नहीं हो सका और इसका श्रेय देश के मुस्लिमों को जाता है’. उन्होंने पाकिस्तान को उसकी धरती से आतंकवाद की बुराई के खात्मे के लिए भारत के सहयोग की पेशकश की.

मंत्री ने कहा, ‘पाकिस्तान यदि आतंकवाद के खात्मे को लेकर गंभीर है, लेकिन वह यह करने में असमर्थ है तो हम वहां से आतंकवाद के खात्मे के वास्ते मदद को तैयार हैं’. सिंह ने कहा कि भारत हमेशा से अपने सभी पड़ोसियों से दोस्ताना संबंध चाहता रहा है, लेकिन पाकिस्तान ने भारत को धोखा दिया है और शांति की पहलों के बदले आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए दक्षेस देशों को निमंत्रण भेजे जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया था, क्योंकि हमारा मानना था कि अगर हम भारत को शक्तिशाली देश बनाना चाहते हैं तो हमें सभी पड़ोसी देशों का सहयोग चाहिए.

राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने सभी पड़ोसी देशों के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया और हमने नवाज शरीफ को भी बुलावा भेजा और वह आए थे. उन्होंने कहा, ‘शरीफ को केवल हाथ मिलाने के लिए नहीं बुलाया गया था, बल्कि इसलिए बुलाया गया था कि दोनों देशों के दिल मिलें’. गृहमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को हमारे इरादों को समझना चाहिए, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहा है. राजनाथ ने यह भी कहा कि पीएम मोदी सभी प्रोटोकॉलों को तोड़ते हुए अफगानिस्तान से लौटते वक्त पाकिस्तान में शरीफ के परिवार में एक समारोह में शामिल होने पहुंचे थे.

उन्होंने कहा, ‘हम इस बात का भरसक प्रयास करते हैं कि हमारे पड़ोसी शांति के साथ रहें. हम भारत का विकास चाहते हैं तो साथ ही पाकिस्तान, नेपाल, म्यांमार, भूटान और श्रीलंका का भी विकास चाहते हैं. सभी की तरक्की होनी चाहिए. हम ऐसा चाहते हैं, लेकिन पाकिस्तान ने इतनी दरियादिली के बदले में हमें क्या दिया?’ राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हमें गुरदासपुर मिला, पठानकोट मिला और उरी मिला, जहां आतंकवादियों ने घुसपैठ की और हमारे जवानों पर कायराना हमले किए, लेकिन हमने भी उन्हें दिखा दिया कि हम कितने सक्षम हैं’.

राजनाथ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं इस संदेश को सफलतापूर्वक देने के लिए अपने जवानों का शुक्रिया अदा करता हूं कि हम उन पर केवल यहां निशाना नहीं साध सकते, बल्कि जरूरत पड़ने पर कहीं भी उन पर निशाना साध सकते हैं’. उन्होंने पाकिस्तान पर लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत पड़ोसी देश से मित्रवत रिश्ते चाहता है, लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर समझौता नहीं करेगा.