बाबा रामदेव ने आचार्य बालकृष्ण के बाद पतंजलि के उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा की

नोटबंदी पर बोलते हुए बाबा रामी देव ने पतंजलि के भविष्य की रणनीति का जिक्र करना नहीं भूले. बाबा रामदेव ने कहा कि उनके और आचार्य बालकृष्ण के बाद कोई ब्रह्मचारी ही उनका उत्तराधकारी होगा और पतंजलि के काम को आगे बढ़ाएगा.

योग गुरु स्वामी रामदेव का कहना है कि नोटबंदी के बाद देश की अर्थव्यवस्था में मंदी न आए, बैंकों से लोगो का विश्वास न डगमागाए इसलिए पार्टिसिपेटरी नोट भी बंद होने चाहि. बाबा ने कहा कि नोटबंदी से बैंको की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में आ गयी है.

उन्होंने कहा की बैंको के कामकाज में पारदर्शिता आये और बैंको की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. बाबा ने बैंक अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा की बहुत से कालेधन के कारोबारियों ने बैंकों से सांठगांठ करके अपने कालेधन को भी सफेद करवाया है. मोदी सरकार को इन सबकी जाँच करनी चाहिए.

योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि हमारा उत्तराधिकारी मेरी तरह सन्यासी, विद्वान, अविवाहित या आचार्य बाल कृष्ण की तरह ब्रहमचारी और विद्वान होगा. पंतजलि का उत्तराधिकारी कोई व्यापारी नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हमारी परम्परा ऋषि परम्परा है. वैदिक परम्परा है. हमारे संस्थान सेवा और उपकार के केन्द्र हैं.

बाबा ने कहा कि उनके संस्थान बिजनेस हाउस या कॉरपोरेट संस्थान नहीं हैं. पंतजलि योगपीठ और पंतजलि आयुर्वेद कंपनी कभी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं रहे है. योगगुरु ने कहा की मैं स्वयं पतंजलि का अवैतनिक ब्रांड एम्बेसडर हूँ और पतंजलि का प्रचार करता हूँ. इसी तरह आचार्य बालकृष्ण भी पतंजलि के अवैतनिक प्रबंध निदेशक है.

उन्होंने कहा कि पंतजलि का कोई भी डिवीडेंट किसी भी शेयर होल्डर को नहीं जाता है. उन्होंने बताया कि पंतजलि का 97 फीसदी हिस्सा आचार्य बालकृष्ण और तीन फीसदी हिस्सा दूसरी कंपनियों का है. पंतजलि का एक फीसदी शेयर भी किसी व्यापारी के पास नहीं जाता है. उन्होंने कहा कि सेवा के मकसदन से पतंजलि काम कर रहा है, इसलिएउनका उत्तराधकारी कोई व्यापारी नहीं हो सकता.