भारत ने इस्तांबुल आतंकी हमले की कड़ी निंदा की, 29 लोगों की गई थी जान

भारत ने तुर्की के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल में हुए आतंकी हमले की कठोरतम शब्दों में निंदा की है. उस हमले में 29 लोगों की जान गई है. भारत ने रविवार को कहा कि वह तुर्की की जनता के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है.

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, ‘भारत इस्तांबुल में 10 दिसंबर को हुए आतंकी हमले की सर्वाधिक सख्त शब्दों में निंदा करता है और तुर्की की जनता के साथ एकजुटता में खड़ा है.’

मंत्रालय ने कहा है, हम शोक संतप्त परिवारों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करते हैं.

शनिवार की रात दोहरे बम विस्फोटों से केंद्रीय इस्तांबुल थर्रा गया था. इन विस्फोटों में कम से कम 166 लोग घायल हुए हैं. भारत ने कहा है कि आतंकवाद का कोई भी रूप पूरी तरह अस्वीकार्य है.

बयान में कहा गया है कि यह घृणित हमला आतंकवाद के फिर से बढ़ने के खिलाफ विश्व समुदाय के सामूहिक संकल्प की तत्काल जरूरत को दर्शाता है.

तुर्की के गृहमंत्री सुलेमान सोयलू ने कहा कि बेसिकतास जिले में एक स्टेडियम के पास ड्यूटी पर तैनात पुलिस को निशाना बनाकर एक चलती हुई कार को विस्फोटक से उड़ाया गया. वहां करीब डेढ़ घंटे पहले ही एक फुटबॉल मैच समाप्त हुआ था.

तुर्की के उप प्रधानमंत्री नुमान कुर्तुलमस ने कहा कि विस्फोट फुटबॉल प्रेमियों के स्टेडियम से जाने के कुछ ही देर बाद हुआ. सोयलू ने कहा कि एक मिनट बाद स्टेडियम के उस पार एक व्यक्ति ने मक्का पार्क में खुद को उड़ा लिया.

तुर्की के राष्ट्रपति आर.टी. इडरेगन ने और रक्तपात के होने पर भी अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है. इस हमले की किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस साल इस देश में इस्लामिक स्टेट ने कई बम विस्फोट किए हैं.