डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव जीतने में चिर प्रतिद्वंद्वी रूस ने की मदद : सीआईए

वाशिंगटन।… अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने एक गुप्त मूल्यांकन के निष्कर्ष में कहा है कि रूस ने न केवल अमेरिकी चुनाव प्रणाली में भरोसे को कमजोर किया, बल्कि उससे भी बढ़कर डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव जीतने में मदद करने में भी अहम भूमिका निभाई.

वॉशिंगटन पोस्ट की शुक्रवार की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि खुफिया एजेंसियों को रूसी सरकार से जुड़े ऐसे लोगों का पता चला है, जिन्होंने हिलेरी क्लिंटन के प्रचार अभियान प्रमुख समेत डेमोकेट्रिक नेशनल कमिटी और अन्य के हजारों ईमेल हैक करके विकिलीक्स को दिए थे.

समाचारपत्र ने एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा, ‘खुफिया विभाग का यह मूल्यांकन है कि इस मामले में रूस का लक्ष्य एक उम्मीदवार की तुलना में दूसरे को प्राथमिकता दिलाना था और ट्रंप को चुनाव जीतने में मदद करना था.’

हालांकि ट्रंप की ट्रांजिशन टीम ने शुक्रवार शाम को जारी किए एक संक्षिप्त बयान में इस मूल्यांकन को खारिज कर दिया.

बयान के अनुसार, ‘ये वही लोग हैं, जिन्होंने कहा था कि सद्दाम हुसैन के पास भारी विनाश के हथियार थे. चुनाव लंबे समय पहले खत्म हो चुका है, जिसमें इलेक्टोरल कॉलेज को इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक हासिल हुई है. अब आगे बढ़ने और अमेरिका को फिर से महान बनाने का समय है?’

ट्रंप रूसी सरकार द्वारा हैकिंग के खुफिया विभाग के आकलन का लगातार खंडन करते रहे हैं. उन्होंने इस सप्ताह ‘टाइम’ पत्रिका से कहा, ‘मैं नहीं मानता कि वे इसमें सम्मिलित हैं. हैकिंग करने वाला रूस हो सकता है, चीन हो सकता है या फिर न्यूजर्सी में अपने घर में बैठा कोई युवक हो सकता है.’

समाचार पत्र के मुताबिक, सीआईए ने पिछले सप्ताह कैपिटल हिल में एक बंद कमरे में ब्रीफिंग में प्रमुख सीनेटरों के साथ अपने नवीनतम आकलन को साझा किया था, जिसमें एजेंसी के अधिकारियों ने कई सूत्रों से मिली जानकारी के हवाले से सीनेटरों को बताया कि अब ‘बिल्कुल स्पष्ट’ है कि रूस का लक्ष्य ट्रंप की जीत थी.