हल्द्वानी: गुलों का पानी घरों में घुसा, सिचाई विभाग ने मजबूरी बता पल्ला झाड़ा

उत्तराखंड की बदहाली का नज़ारा किसी भी तरफ आसानी से देखा जा सकता है. एक तरफ नेता वोटों के लिए एक के बाद एक शिलान्यास करके अपने नाम का ठप्पा लगाने को आतुर हैं लेकिन सच्चाई कुछ और बयां कर रही है। इसकी झलक आप हल्द्वानी शहर के ग्रामीण इलाक़ों में जा कर पा सकते हैं।

ऐसा ही एक प्रकरण धानमिल रोड स्थित डहेरिया गांव का भी है जहां पिछले कई वर्षों से गुलों का पानी सड़कों पर छोड़ा जा रहा है। सिचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार निरीक्षण करने के बाद भी कोई हल नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और गूल बंद हो जाने की वजह से पानी सड़कों पर भेजना उनकी मजबूरी है। एक ओर जहा हल्द्वानी शहर सूखे की कगार पर खड़ा है एसे में सिचाई विभाग का यह बयान कितना ज़िम्मेदारी पूर्ण है यह कहना कठिन है।

पड़ताल करने पर पता चला कि एक परिवार को फ़ायेदा पहुचाने के लिए बिना जांच किए सरकारी गूल के ऊपर घर बनाने की अनुमति दे दी गई और निर्धारित नख़्से को भी बदला गया। आलम यह है की धानमिल रोड स्थित सर्वोदय कालोनी के लोगों के घरों में बीती रात से बाढ़ जैसा माहोल बन गया है। पानी लगातार घरों में घुसा जा रहा है। ग्राम प्रधान से सम्पर्क करने पर सारे कालोनी वासियों को कई प्रकार की खरीकोटि का सामना करना पड़ा और एसडीएम का काम बता कर जाने के लिए कह दिया गया।

हल्द्वानी जैसे महानगर का ये बद हाल देख कर पता चलता है कि प्रसाशन और जनप्रतिनिधि किन ज़रूरी कामों में व्यस्त हैं। मानवीय सम्वेदनाओं से कोसों दूर, आम जनता के साथ छलावा कर रहे हैं।