नोटबंदी : मुझे लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा, पीएम मोदी

पीएम मोदी आज गुजरात दौरे पर हैं. उन्होंने बनासकांठा में कहा कि मैं इस मिट्टी में पैदा हुआ हूं. मैं पीएम के रूप में नहीं संतान के रूप में आया हूं. 25 साल बाद किसी पीएम का बनासकांठा दौरा हो रहा है. देश को बनासकांठा के बारे में पता चलना चाहिए. यहां के किसानों के काम का पता चलना चाहिए. यहां का किसान मिट्टी खोदकर सोना बना देता है. किसानों ने ही बनास की सूखी धरती को सोने में तब्दील कर दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कहा कि नोटबंदी के बाद देश में कालाधन और भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि सदन में चर्चा के बजाय विपक्ष भाग रहा है. सदन में लगातार हंगामा इसका सबूत है.

बनासकांठा में 350 करोड़ रुपए के निवेश से बनी चीज प्लांट का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा में पीएम ने कहा, ‘सरकार ने कारवाई शुरू कर दी है. पिछले दरवाजे पर भी कैमरे लगा रखे हैं. 50 दिन के बाद धीरे-धीरे मुश्किल खत्म होती जाएगी. मैं ईमानदारों के साथ खड़ा हूं. 70 साल तक ईमानदार लोगों को परेशान किया गया.’

सवा सौ करोड़ देशवासियों को साथ देने के लिए नमन और भारत माता की जयकार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘राजनीति से ऊपर लोकनीति होती है. सभी दल एक साथ आएं. लोकसभा में मुझे बोलने नहीं दिया जाता, इसीलिए मैंने जनसभा का रास्ता अपनाया. यहां तक कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी सदन में हंगामा पर चिंता जताई.’

उन्होंने कहा, ‘मेरा देश स्वार्थी लोगों का देश नहीं है. बेइमानों को न तो कालेधन से समस्या थी न तो भ्रष्टाचार था. हम जिन रास्तों से आतंकवाद को ताकत मिलती थी, उन्हें हमने बंद किया है. नक्सलवाद मुख्यधारा में वापस आ रहा है. जाली नोटों के कारोबारियों में हल्ला है.’

आतंकवाद को जाली नोट से ताकत मिलती है. देश नोटों के अर्थतंत्र के ढेर के नीचे दबता गया. 8 नवंबर के बाद देश ने 100 के नोट का मूल्य पहचाना. अब तो 10, 20 और 50 रुपए के नोटों की मांग बढ़ी है. छोटे लोगों की ताकत बढ़ाने के लिए मैंने नोटबंदी का फैसला किया है.

पीएम ने कहा कि वे किसानों को नमन करते हैं. किसान को बिजली नहीं पानी चाहिए. बनासकांठा के किसानों ने सर आंखों पर चढ़ाया. पीएम नहीं, बेटे के रूप में आया हूं. भाग्य बदलना है तो पानी-बिजली बचाना होगा.