अगले 15 दिन में बारिश नहीं हुई तो, पड़ेगा सूखा; प्रभावी योजना बनाएं : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य में सूखे की आशंका के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारियों को प्रभावी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि यदि अगले 15 दिनों में बारिश नहीं होती है तो उसके कारण फसलों को होने वाले नुकसान, पेयजल, सिंचाई तथा नदियों के जल में होने वाली कमी की व्यापक समीक्षा कर प्रभावी उपाय किये जाएं.

अस्थायी राजधानी देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, रावत ने एक उच्च अधिकारियों तथा राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक बैठक करते हुए कहा कि खेती एवं किसानों को सूखे से होने वाले नुकसान आदि के लिए तात्कालिक सहायता के रूप में राज्य आपदा रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) फंड कोष से हर जिले को दो से पांच करोड. रु उपलब्ध करवाए जाएंगे.

बैठक में राज्य में सूखे की स्थिति, सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को दिए जा रहे कृषि ऋण, फसल बीमा, फसल बुआई व पशु चारा की स्थिति, पेयजल तथा सिंचाई आदि व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए रावत ने जिलाधिकारियों से इस संबंध में पूरा विवरण तैयार करने को कहा.

उन्होंने कहा कि अगले 15 दिन बारिश न होने की स्थिति में खेती एवं किसानों को सूखे से होने वाले नुकसान आदि के लिए तात्कालिक राहत के लिए सभी जिलाधिकारियों को एसडीआरएफ से 2 से 5 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करायी जाएगी. इसके लिए उन्होने आपदा प्रबंधन सचिव को जिलाधिकारियों को धन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक कृषकों को कृषि ऋण उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें फसल बीमा की भी सुविधा देने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों द्वारा भुगतान की जाने वाली फसल बीमा के प्रीमियम का 50 प्रतिशत भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा.