नए नोट छापने वाली कंपनी पर जेटली को अपने तथ्य जांचने चाहिए : AAP

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी के 500 और 2000 रुपये के नए नोटों को छापने का ठेका काली सूची में शामिल कपंनी को देने के आरापों को खारिज कर दिया था. इसके एक दिन बाद दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी ने शुक्रवार को कहा कि वित्त मंत्री को अपने तथ्य जांचने चाहिए और जोर दिया कि मशीनरी की आपूर्ति उसी कंपनी ने की है.

आप की दिल्ली इकाई के प्रमुख दिलीप पांडे ने कहा कि कंपनी मैसूर पिंट्रिंग प्रेस से जुड़ी हुई है। पांडे ने कहा कि इसी कपंनी को कालीसूची में डाला गया था, क्योंकि यह जाली नोट छापने में आतंकी समूहों की सहायता कर रही थी. भारतीय मुद्रा को छापने के लिए ऐसी कंपनी को नियुक्त करने की क्या जरूरत थी.

जेटली ने गुरुवार को कहा था कि उनके मंत्रालय का ब्रिटिश कंपनी से कोई लेना देना नहीं है, जिसका नाम ‘झूठे’ सोशल मीडिया अभियान में आया है.