विधानसभा चुनाव : अपने ही सर्वे में कांग्रेस को मिली 70 में से 33 सीटें, फिर भी खुश

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस द्वारा कराए गए एक आंतरिक सर्वेक्षण में पार्टी को 70 में से 33 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है.

इस सर्वेंक्षण की पुष्टि करते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने बताया कि ये नतीजे पार्टी के लिए उत्साहजनक हैं और सत्ताधारी कांग्रेस अब सभी 70 सीटों पर जीतने के लिए पूरा जोर लगा देगी.

उपाध्याय ने बताया कि जहां सर्वेंक्षण में 33 सीटों पर कांग्रेस की जीत दिखायी गयी है वहीं 10 अन्य सीटों पर भी उसे मजबूत स्थिति में दिखाया गया है.

उन्होंने कहा, ‘हमारा निष्कर्ष यह है कि कुल मिलाकर हम 43 सीटों पर जीत की स्थिति में आ सकते हैं जो उत्तराखंड के इतिहास में सबसे बड़ी चुनावी जीत होगी.’ हांलांकि, उपाध्याय ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि राज्य की कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे प्रगतिशील लोकतांत्रिक मोर्चा (पीडीएफ) के साथ गठबंधन को लेकर स्थिति क्या है.

बहरहाल, पार्टी सूत्रों ने बताया कि यदि यह गठबंधन जारी रहा तो उसके सदस्य कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ सकते हैं. उपाध्याय ने यह भी संकेत दिए कि वह अपने गृह क्षेत्र टिहरी से ही चुनाव लड़ना चाहते हैं, जहां से वह 2012 विधानसभा चुनावों में पीडीएफ सदस्य और पर्यटन मंत्री दिनेश धनै से बहुत कम मतों के अंतर से पराजित हो गये थे.

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री हरीश रावत टिहरी से धनै को ही चुनावी समर में उतारे जाने के पक्षधर हैं. उपाध्याय ने इस बाबत कहा, ‘मैं शुरू से ही टिहरी से चुनाव लड़ता आया हूं. वही मेरी राजनीतिक कर्मभूमि है और इसे मैं कैसे छोड़ सकता हूं.’

उपाध्याय साल 2002 और साल 2007 के विधानसभा चुनावों में टिहरी से ही विधायक चुने गए थे, हांलांकि साल 2012 में वह मामूली अंतर से हार गए थे.

पार्टी उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भी इन सर्वेंक्षण परिणामों पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इस साल मार्च में 10 विधायकों के पार्टी से बगावत करने के बाद आए, इन नतीजों ने पार्टी में नया जोश भर दिया है.