‘गुमराह करने के लिए हताशा भरी कार्रवाई है कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर कदम’

वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए घोषित कदमों को कांग्रेस ने देश को ‘गुमराह और भ्रमित करने का हताशा भरा प्रयास बताया.’

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने ऐसे कदमों की घोषणा करने को लेकर सरकार पर भेदभावपूर्ण होने का आरोप लगाया और मांग किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में वित्तीय अराजकता फैलाने के लिए माफी मांगें.

उन्होंने कहा, ‘वित्तमंत्री ने गुरुवार को जो कहा वह सिर्फ गुमराह और भ्रमित करने का हताशा भरा प्रयास है. ऐसे देश में जहां तीन प्रतिशत से भी कम लोग क्रेडिट और डेबिट कार्ड का प्रयोग करते हैं, विश्व बैंक के मुताबिक सिर्फ 11 प्रतिशत भारतीय चेक लेनदेन करते हैं.’

शर्मा ने सवाल किया, ‘कैसे आप रातों-रात भारत को कैशलेस समाज बना देंगे? मैं सरकार पर भेदभावपूर्ण होने तथा लोगों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाता हूं. आप यह कैसे कह सकते हैं कि दुर्घटना की स्थिति में ई-टिकट कराने वाले को मुआवजा मिलेगा और जो ई-टिकट नहीं करा रहा है उसे नहीं मिलेगा.’

उन्होंने कहा, जेटली कानून समझते हैं और वह जो बोल रहे हैं उसकी वैधता को समझना चाहिए.