IndvsEng मुंबई टेस्ट : इंग्लैंड के 400 रन, विजय-पुजारा ने संभाली भारतीय पारी

सलामी बल्लेबाज मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा की संकटमोचक जोड़ी ने एक बार फिर से अपने आपसी तालमेल का शानदार नजारा पेश करके चौथे टेस्ट क्रिकेट मैच के दूसरे दिन शुक्रवार को मुंबई में भारत को इंग्लैंड के मजबूत स्कोर के सामने शुरुआती झटके से उबार.

भारत ने इंग्लैंड के 400 रन के स्कोर के जवाब में लोकेश राहुल का विकेट जल्दी गंवा दिया, लेकिन इसके बाद विजय (नाबाद 70) और पुजारा (नाबाद 47) की चिर परिचित जोड़ी ने वानखेड़े स्टेडियम में अपने पांव जमा दिए. इन दोनों ने अब तक दूसरे विकेट के लिए 107 रन जोड़ लिए हैं, जिससे भारत ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट पर 146 रन बनाए हैं और वह इंग्लैंड से 254 रन पीछे हैं.

इससे पहले कीटन जेनिंग्स (112) के गुरुवार को अपने पदार्पण मैच में शतक के बाद शुक्रवार को जोस बटलर (76) और जैक बॉल (31) ने नौवें विकेट के लिए 54 रन जोड़कर भारतीय गेंदबाजों को निराश किया. इंग्लैंड ने सुबह पांच विकेट पर 288 रन से आगे खेलना शुरू किया और आज 112 रन जोड़कर 400 रन के जादुई आंकड़े को छुआ. रविचंद्रन अश्विन फिर से भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे. इस ऑफ स्पिनर ने 112 रन देकर छह विकेट लिए. उन्होंने 43वें मैच में 23वीं बार पांच या अधिक विकेट लिए.

बाएं हाथ के स्पिनर जडेजा ने 109 रन देकर चार विकेट हासिल किए. राहुल (24) और विजय ने इंग्लैंड के तेज आक्रमण के सामने विश्वसनीय शुरुआत की. इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट पिच गेंदों ने उनकी परीक्षा ली, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. इंग्लैंड को पहली सफलता स्पिनर मोईन अली ने दिलाई. राहुल उनकी गेंद पर ड्राइव करना चाहते थे, लेकिन वह चूक गए और बोल्ड हो गए. पिच से टर्न मिल रहा था और इंग्लैंड ने सात ओवर के बाद ही दोनों छोर से स्पिन आक्रमण लगा दिया था.

एलिस्टेयर कुक ने जब अपने मुख्य तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन को दूसरे स्पेल के लिए बुलाया तो पुजारा ने उनकी पहली दो गेंदों को सीमा रेखा के पार भेजा, जबकि विजय ने मोईन की गेंद को लांग आन पर भेजकर अपनी पारी का दूसरा छक्का लगाया. पुजारा ने अपनी पारी के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ 1000 रन भी पूरे किए. ऐसा करने वाले वह 12वें भारतीय बल्लेबाज हैं.

विजय ने अब तक 169 गेंदों का सामना करके छह चौके और दो छक्के लगाये जबकि पुजारा की 102 गेंद की पारी में छह चौके शामिल हैं. भारत को इन दोनों बल्लेबाजों से काफी उम्मीदें हैं और यदि शनिवार ये दोनों लंबी पारियां खेलने में सफल रहते हैं, तो भारत मैच पर पकड़ मजबूत कर लेगा. इससे पहले इंग्लैंड ने सुबह के सत्र में 31 ओवरों में 97 रन जोड़े. भारत ने बेन स्टोक्स (31), क्रिस वोक्स (11) और आदिल रशीद (चार) के विकेट जल्दी निकाल दिए. इनमें से वोक्स और रशीद के विकेट जडेजा ने लिए.

अश्विन ने स्टोक्स को आउट करके भारत को दिन की पहली सफलता दिलायी थी. इससे उन्होंने 23वीं बार पारी में पांच या अधिक विकेट लिए और इस तरह से कपिल देव के रिकॉर्ड की बराबरी की. स्टोक्स के साथ गुरुवार को के दूसरे अविजित बल्लेबाज बटलर आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज थे. जडेजा की गेंद पर बोल्ड होने से पहले उन्होंने अपनी 137 गेंद की पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया.

पहले टेस्ट मैच में शतक जड़ने वाले स्टोक्स हालांकि इसका फायदा नहीं उठा पाए. अश्विन की गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर पहली स्लिप में कोहली के पास गई, लेकिन अंपायर ने आउट नहीं दिया. भारत ने डीआरएस लिया, जिसके बाद साफ हो गया कि गेंद ने बल्ले का किनारा लिया था. इसके बाद जडेजा ने भारत को सफलता दिलाई. पहले उन्होंने बटलर के खिलाफ एलबीडब्ल्यू के लिए रेफरल का सहारा लिया, लेकिन अंपायर का फैसला ही सही निकला और इससे भारत के डीआरएस के मौके भी खत्म हो गए.

जडेजा ने हालांकि दूसरे बल्लेबाज क्रिस वोक्स को विकेटकीपर पार्थिव पटेल के हाथों कैच करा दिया. बटलर जब 40 रन पर थे तब अश्विन की गेंद पर कोहली ने स्लिप में उनका करीबी कैच छोड़ा लेकिन जडेजा ने रशीद को आर्म बाल पर आउट करके भारत को अगली सफलता दिलाई. इससे इंग्लैंड का स्कोर आठ विकेट पर 334 रन हो गया. जडेजा को बॉल का विकेट भी मिल जाता, लेकिन भारतीय कप्तान कोहली ने स्लिप में मौका गंवा दिया. बटलर ने 106 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया. बॉल को लंच के बाद अश्विन ने पार्थिव के हाथों कैच कराकर अपना छठा विकेट लिया.