INDvsENG Mumbai टेस्ट : दूसरे दिन इंग्लैंड टीम 400 पर सिमटी, अश्विन ने 6, तो जडेजा ने चटकाए 4 विकेट

सीरीज में 2-0 से आगे चल रही टीम इंडिया वानखेड़े में बुलंद हौसले के साथ उतरी, लेकिन इंग्लैंड ने मुंबई में हमेशा की तरह दम दिखाया और चौथे टेस्ट के पहले दिन गुरुवार को जमकर बल्लेबाजी की. दूसरे दिन का खेल जारी है. लंच के बाद इंग्लैंड की पहली पारी 400 रन पर सिमट गई. अंतिम बल्लेबाज के रूप में जॉस बटलर 76 रन बनाकर आउट हुए. बटलर ने 106 के गेंदों में करियर की छठी फिफ्टी पूरी की. टीम इंडिया की ओर से आर अश्विन ने 6 विकेट झटके हैं, जबकि रवींद्र जडेजा ने 4 सफलताएं हासिल की हैं.

लंच के बाद अश्विन ने इंग्लैंड को नौवां झटका दे दिया और जॉस बटलर के साथ 54 रन की साझेदारी कर चुके जेक बॉल को 31 रन पर पार्थिव पटेल को विके के पीछे कैच करा दिया. अंतिम विकेट 400 के स्कोर पर गिरा, जब रवींद्र जडेजा ने जमकर खेल रहे जॉस बटलर को 76 रन पर बोल्ड कर दिया.

आर अश्विन ने दूसरे दिन जल्दी ही अपने विकेटों की संख्या पांच कर ली. इसके साथ ही उन्होंने पारी में सबसे अधिक बार पांच या अधिक विकेट लेने के मामले में भारतीय गेंदबाजों के बीच तीसरा स्थान हासिल करते हुए कपिल देव की बराबरी कर ली. अश्विन ने 23वीं बार यह कारनामा किया है. कपिल और अश्विन से ऊपर अनिल कुंबले (35 बार पांच विकेट) और हरभजन सिंह (25 बार पांच विकेट) हैं.

पहले दिन इंग्लैंड की स्थिति काफी अच्छी थी, लेकिन चायकाल के बाद धड़ाधड़ 3 विकेट गिरने से वह दिन में 5 विकेट पर 288 ही बना पाई. दूसरे दिन इंग्लैंड ने 5 विकेट पर 288 रन से पारी को आगे बढ़ाया. जॉस बटलर और बेन स्टोक्स ने स्कोर में 9 रन ही जोड़े थे कि आर अश्विन ने एक और झटका दे दिया, जब बेन स्टोक्स 31 रन बनाकर उनकी फिरकी पर चकमा खा गए. हालांकि अंपायर ने नॉटऑउट दिया, लेकिन विराट ने रीव्यू ले लिया. रीप्ले गेंद स्टोक्स के बल्ले का किनारा लेती हुई दिखी और अंपायर ने आउट करार दिया. उन्हें स्लिप पर विराट कोहली ने ही लपका. स्टोक्स और जॉस बटलर ने छठे विकेट के लिए 48 रन जोड़े. सातवां झटका रवींद्र जडेजा ने दिया. उन्होंने क्रिस वॉक्स को 11 रन पर लौटाया. आठवां विकेट भी जडेजा के नाम रहा. आदिल राशिद (4), जो खुद स्पिनर हैं, गेंद को पढ़ नहीं सके और उसे जाने दिया, लेकिन गेंद ने उनकी एक गिल्ली गिरा दी. इसके बाद बटलर ने जेक बॉल के साथ 51 रन की साझेदारी करके लंच तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया. इंग्लैंड ने दूसरे दिन लंच तक 8 विकेट पर 385 रन बना लिए. जॉस बटलर (64) और जेक बॉल (29) नाबाद रहे.

टेस्ट मैचों में विराट कोहली का बल्ला इस साल दो दोहरे शतक के साथ कमाल दिखा रहा है. उन्होंने इस साल 10 टेस्ट में 965 रन बनाए हैं. ऐसे में मुंबई में वह एक कैलेंडर ईयर में एक हजार रन को छू सकते हैं. साथ ही टेस्ट करियर में 4 हजार रन भी पूरा कर सकते हैं. वह अब तक 3959 रन बना चुके हैं और इससे 41 रन दूर हैं.

पहले दिन के खेल की खास बातें

43वां टेस्ट खेल रहे आर अश्विन टीम इंडिया के लिए सबसे अधिक टेस्ट विकेट लेने के मामले में सातवें स्थान पर पहुंच गए. उन्होंने पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ को पीछे छोड़ा. मुंबई में मोइन अली का विकेट लेते ही उन्होंने यह उपलब्धि हासिल कर ली. उनके नाम 237 विकेट हो गए हैं, जबकि श्रीनाथ ने 67 मैचों में 236 विकेट लिए थे.

इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक का बल्ला भारत के खिलाफ हमेशा चला है. उन्होंने चौथे टेस्ट के पहले दिन 19वां रन बनाते ही भारत के खिलाफ अपने 2000 टेस्ट रन पूरे कर लिए. अब वह ऐसा करने वाले दुनिया के छठे खिलाड़ी बन गए हैं. टेस्ट मैचों में भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के रिकी पॉन्टिंग के नाम है, जिन्होंने 2555 टेस्ट रन बनाए थे.

यदि साल 2010 से अब तक का रिकॉर्ड देखें, तो टीम इंडिया के खिलाफ 5 बल्लेबाजों ने अपने डेब्यू मैच में शतक लगाया है. खास बात यह कि यह किसी भी इंटरनेशनल टीम के खिलाफ सबसे अधिक डेब्यू शतक हैं. मुंबई में इंग्लैंड की ओर से डेब्यू शतक लगाने वाले कीटन जेनिंग्स (112) इस मैदान पर ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी हैं, इससे पहले यहां का बेस्ट डेब्यू स्कोर 88 रन था. इंग्लैंड की तरफ से पदार्पण मैच में शतक लगाने वाले आठवें सलामी बल्लेबाज बन गए हैं.

इंग्लैंड का स्कोर एक समय दो विकेट पर 230 रन था, लेकिन चायकाल के बाद धड़ाधड़ उसके तीन विकेट गिर गए. पहले दिन का खेल इंग्लैंड की ओर से डेब्यू कर रहे कीटन जेनिंग्स के नाम रहा, जिन्होंने 186 गेंदों में शतक लगाया और 112 रन बनाकर आउट हुए. उनको शून्य के स्कोर पर करुण नायर के हाथों जीवनदान भी मिला था. टीम इंडिया की फील्डिंग पहले दिन अच्छी नहीं रही और उसने तीन कैच टपकाए. वैसे अब तक पूरी सीरीज में ही उसका यही हाल रहा है. जेनिंग्स के अलावा इंग्लैंड की ओर से मोईन अली ने 50, एलिस्टर कुक ने 46 और जो रूट ने 21 रनों की पारी खेली. टीम इंडिया की ओर से आर अश्विन ने 4 विकेट झटके हैं, जबकि रवींद्र जडेजा ने एक सफलता हासिल की. टॉस इंग्लैंड ने जीता था और पहले बैटिंग का फैसला किया था. टीम इंडिया में दो बदलाव किए गए, चोटिल अजिंक्य रहाणे और मोहम्मद शमी की जगह लोकेश राहुल और भुवनेश्वर कुमार को जगह दी गई, जबकि इंग्लैंड की ओर से कीटन जेनिंग्स ने डेब्यू किया.

विराट कोहली की कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट में आखिरी हार अगस्त, 2015 में श्रीलंका के खिलाफ मिली थी. श्रीलंका ने अपनी ही धरती पर टीम इंडिया को गॉल टेस्ट में 10 विकेट से करारी मात दी थी. उसके बाद टीम इंडिया ने जो वापसी की, वह देखने लायक रही. उसने विराट की कप्तानी में 16 टेस्ट में से 12 में जीत दर्ज की है और चार मैच ड्रॉ खेले हैं और अब रिकॉर्ड की बराबरी करने जा रही है.

भारतीय टीम इस समय अब लगातार 17 टेस्ट के अपराजेय रिकॉर्ड की बराबरी से महज एक मैच पीछे है. टीम ने यह कमाल 1985 से 1987 के बीच किया था. इसकी शुरुआत 14 सितंबर 1985 को श्रीलंका के खिलाफ कैंडी में ड्रॉ टेस्ट से हुई और नौ मार्च 1987 को अहमदाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ ड्रॉ रहे टेस्ट तक यह सिलसिला चला था. बेंगलुरू टेस्‍ट में टीम इंडिया की जीत का यह क्रम टूटा था. पाकिस्तान ने इस टेस्‍ट में 16 रन से जीत दर्ज की. उस अपराजेय अभियान में कपिल देव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने चार जीत दर्ज की थीं और बाकी मैच ड्रॉ रहे थे. वैसे अभी यह रिकॉर्ड महान ओपनर सुनील गावस्कर के नाम पर दर्ज है, जिनके नेतृत्व में टीम इंडिया लगातार 18 टेस्ट मैचों में अपराजेय रह चुकी है.