गंगा किनारे 5 किमी के दायरे में सभी स्टोन क्रशर बंद, खनन पर भी रोक

लंबे समय से गंगा में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे मातृ सदन को बड़ी जीत मिली है. मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद के तप को गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय ने अपना ऐतिहासिक आदेश जारी किया है.

मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक यूपी सिंह ने गंगा किनारे 5 किलोमीटर तक सभी क्रशर बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं. जिसके बाद स्वामी शिवानंद ने गुरुवार को शुरू होने वाले अपने आमरण अनशन को स्थगित कर दिया है.

मातृ सदन के पत्र और तप का केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय ने संज्ञान लिया है. गंगा किनारे 5 किलोमीटर के दायरे में चलने वाले स्टोन क्रशर बंद करने के आदेश दिए गए हैं. अब यहां अवैध खनन करने वालों को जेल की हवा खानी पड़ेगी. पहली बार पकडे जाने पर 5 साल की सज़ा और 1 लाख का जुर्माना हो सकता है. दोबारा खनन करते पकड़े गए तो होगी 7 साल की सज़ा और 5 हज़ार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना.

केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के इस आदेश के बाद मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने गुरुवार से शुरू होने वाले अनशन को स्थगित कर दिया है. उनका कहना है कि यदि ये तामाम क्रशर बंद होते हैं तो बड़े स्तर पर हो रहे अवैध खनन पर रोक लग सकेगी. राज्य के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए स्वामी शिवानंद ने कहा कि जब सीएम ने सुध नहीं ली तो केंद्र ने इस मामले को गंभीरता से लिया है.