उत्तराखंड की इन दो बेटियों ने फिर किया कारनामा, इस खतरनाक पर्वत पर लहराया तिरंगा

उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून की पर्वतारोही जुड़वा बहनों ताशी व नुंग्शी मलिक ने एक और कारनामा कर दिखाया है. दुनिया के सर्वोच्च सात शिखरों को फतह करने वाली ताशी-नुंग्शी ने न्यूजीलैंड स्थित माउंट कुक की सबसे ऊंची चोटी पर भी तिरंगा फहराकर नया कीर्तिमान बनाया है. वह दुनिया की पहली जुड़वा बहनें हैं, जिन्होंने इस शिखर पर एकसाथ कदम रखे.

माउंट कुक को दुनिया के सबसे जटिल पर्वत शिखरों में शामिल किया जाता है. चारों ओर ग्लेशियर, बर्फीले तूफान और बदलते मौसम के कारण यहां चढ़ाई करना काफी मुश्किल है. हाल ही में वहां आए भूकंप के कारण मौसम और भी दुश्वार है.

माउंट कुक फतह करने में अभी तक 238 पर्वतारोही अपनी जान गंवा चुके हैं. इस 3724 मीटर (12218 फीट) ऊंची चोटी फतह करने के लिए ताशी-नुंग्शी ने दो सप्ताह प्रशिक्षण लेने के साथ ही मौसम के अनुसार अपने को ढाला.

हालांकि माउंट कुक पर पर्वतारोहण करने से पहले माउंट कुक श्रृंखला छोटे शिखर पर चढ़ाई करते हुए ताशी के पैर में चोट लग गई थी. इससे उनके माउंट कुक पर तिरंगा फहराने के सपने पर आशंका के बादल मंडराने लगे थे.

ताशी-नुंग्शी के पिता कर्नल (अप्रा) वीएस मलिक ने बताया कि ताशी ने चोट को दरकिनार करते हुए मानसिक मजबूती से अभियान पूरा किया. 30 नवंबर को दोनों बहनें हेलीकॉप्टर से बेस कैंप पहुंची. दो दिसंबर की रात उन्होंने माउंट कुक फतह करने के लिए चढ़ाई शुरू की. दोनों ने आठ घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार माउंट कुक पर तिरंगा फहराया.

चोटी पर तिरंगा फहराने के बाद उन्हें पांच घंटे वापस आने में लगे. अमूमन अभियान पूरा करने में पर्वतारोहियों को 16 से 18 घंटे का समय लगता है, लेकिन दोनों बहनों ने मात्र 13 घंटे में यह कारनामा करके दिखाया.

देश के सर्वोच्च साहसिक पुरस्कार तेनजिंग नोर्गें पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी ताशी-नुंग्शी ने अगले दिन ही माउंट डिक्शन भी फतह किया. पिछले तीन सालों में ताशी व नुंग्शी मलिक ने 12 से अधिक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं. ताशी-नुंग्शी दुनिया की सबसे युवा जुड़वा बहनें हैं, जिन्होंने दुनिया के सात सर्वोच्च शिखर और स्कीइंग करते हुए नॉर्थ व साउथ पोल का अभियान पूरा किया.

ताशी-नुंग्शी ने हाल ही में न्यूजीलैंड से स्पोटर्स एंड एक्सरसाइज में ग्रेजुएशन की है. उन्हें वहां की प्रधानमंत्री स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप भी मिली है. दोनों का इरादा न्यूजीलैंड में ही अपने आगे की पढ़ाई करने का है. हाल ही में आइसलैंड के राष्ट्रपति ने दोनों को वहां के लेफ एरिक्सन यंग एक्सपोलरर्स अवार्ड से नवाजा है. दोनों बहनें उत्तराखंड साहसिक पर्यटन व बेटी बचाओ अभियान की ब्रांड अंबेसडर भी हैं.