दिल्ली में गेस्ट टीचरों की सैलरी हुई 17 से 32 हजार, उत्तराखंड में कुछ सीखेंगे सरकार

उत्तराखंड में गेस्ट टीचर अपनी तमाम मांगों को लेकर पिछले काफी समय से आंदोलनरत हैं. सरकार तो उनकी सुन नही रही है, हाईकोर्ट ने भी गेस्ट टीचरों को जबरदस्त झटका दिया है. पिछले दिनों उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आंदोलन कर रहे गेस्ट टीचरों की जगह नए टीचरों की भर्ती करने का आदेश दिया था.

इस मामले में उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार को दिल्ली की केजरीवाल सरकार से सीखने की जरूरत है. क्योंकि दिल्ली सरकार ने यहां के सरकारी स्कूलों में तैनात गेस्ट टीचरों को एक अच्छी खबर दी है. केजरीवाल सरकार ने लंबे समय से चली आ रही गेस्ट टीचरों की वेतन वृद्धि की मांग को मान लिया है. इसी कड़ी में इन टीचरों को सौगात देते हुए गेस्ट टीचर्स के वेतन में बढ़ोतरी की गई है.

अनुमान के मुताबिक सरकार के इस फैसले से राज्य के सरकारी स्कूलों में तैनात 17 हजार गेस्ट टीचरों को लाभ मिलेगा. दिल्ली में अब गेस्ट टीचरों का वेतन 17 हजार से बढ़ाकर 32 हजार रुपये कर दिया गया है. दिल्ली सरकार अब अपने इस फैसले को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजेगी.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि गेस्ट टीचरों के वेतन वृद्धि का फैसला कैबिनेट मीटिंग में लिया गया. उन्होंने कहा कि अभी तक गेस्ट टीचरों को दिन के हिसाब से वेतन दिया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत उन्हें प्रतिमाह एक निश्चित सैलरी देने का प्रावधान किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह से अब गेस्ट टीचरों को कैजुअल लीव दिए जाने का प्रावधान किया गया है.

उल्लेखनीय है कि लंबे समय से गेस्ट टीचर इसके लिए प्रयासरत थे और उन्होंने अपनी मांगों के लिए कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया था. उत्तराखंड के गेस्ट टीचरों को भी दिल्ली के गेस्ट टीचरों से सीखने की जरूरत है कि उनकी मांगें और आंदोलन अपनी जगह हैं, लेकिन बच्चों की पढ़ाई पर इसका कोई असर नहीं पड़ना चाहिए.