उत्तराखंड को मिली नई सौगात, यूओयू में हुआ देश की पहली आईटी अकादमी का शिलान्यास

राज्य में पहली आई टी अकादमी का शिलान्यास गुरूवार को उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी में वैदिक मंत्रों के बीच उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ0 इन्दिरा हृदयेश तथा देश के जाने माने अंतराष्ट्रीय मामलों के जानकार प्रो0 पुष्पेश पंत द्वारा किया गया।

अकादमी का शिलान्यास करते हुये मुख्य अतिथि डाॅ0 इन्दिरा हृदयेश ने कहा कि आई टी अकादमी उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय को देश के वरिष्ठतम विश्वविद्यालयों की श्रेणी में शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि आई टी के क्षेत्र में भारत का युवा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहरा रहे हैं। उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए यह अकादमी भविष्य की दशा-दिशा बदलने में कारगर होगी। उन्होंने कहा कि दुनिया के तकनीकी युग में उत्तराखण्ड पीछे न रह जाये इस उद्देश्य से इस अकादमी की स्थापना करना अनिवार्य था और आज हम इसके माध्यम से दुनिया के डिजिटल अभियान में शामिल हो गये हैं।

विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुये प्रो0 पुष्पेश पंत ने कहा कि यह आई टी अकादमी अमरत्व को प्राप्त होने वाली अकादमी होगी क्योंकि डिजिटल युग में कुछ भी समाप्त नहीं हो सकता। यह देश की ऐसी अकादमी होगी जिसमें डिजिटल कंटेन्ट्स, का भण्डार, प्रसार एवं विस्तार होगा। इससे राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां एवं मानशिक दूरियां समाप्त होंगी।

शिलान्यास कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नागेश्वर राव ने कहा कि यह अकादमी सभी रोजगार प्राप्त तथा बेरोजगार युवाओं व शिक्षकों को डिजिटल इण्डिया से जोड़ने वाली अकादमी होगी, उन्होंने कहा कि राज्य में ही नहीं देश में भी उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय पहला मुक्त विश्वविद्यालय है जो डिजिटल के क्षेत्र में काफी आगे है। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री व वित्तमंत्री डाॅ. इन्दिरा हृदयेश का आभार जताते हुये कहा कि उनकी संकल्पना, परिश्रम और आशीर्वाद से ही आज इस अकादमी की स्थापना उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के परिसर हल्द्वानी में हो पायी है। उन्होंने विश्वास दिलाते हुये कहा कि वे शिक्षा मंत्री की इस संकल्पना पर खरे उतरेंगे और इस अकादमी को डिजिटल युग में एक पहचान दिलाने का कार्य करेंगें।

आई टी अकादमी के रोडमैप तैयार करने वाले यूसर्क के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने अकादमी की पृष्ठभूमि और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, उन्होंने कहा कि डिजीटल शिक्षा को बढ़ावा देने में राज्य की यह बहुत बड़ी उपलब्धी है, उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों, कार्मिकों, तथा विद्यार्थियों के लिए डिजिटल दुनिया में शामिल होने के लिए यह अकादमी एक प्लेटफार्म का कार्य करेगी। इससे राज्य में डिजिटल एजूकेशन, डिजिटल इकानाॅमी, डिजिटल सवांद को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार भी प्राप्त होगा।

अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर0 सी0 मिश्र ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 राजेन्द्र कैडा ने किया। इस अवसर पर प्रो. गोविन्द सिंह, निदेशक उच्च शिक्षा बीसी मलकानी, प्रो. एच0पी0 शुक्ल, प्रो0 गिरीजा पाण्डेय, प्रो0 पी0डी0 पंत, डाॅ0 राकेश रयाल, वित्त नियंत्रक आभा गर्खाल आदि लोग मौजूद रहे।