‘नोटबंदी जैसे दो-तीन फतवे और जारी हुए तो राहुल गांधी ने ‘सक्षम नेतृत्व’ में लौटेगी कांग्रेस’

नोटबंदी के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को कहा कि उनकी ओर से ऐसे दो-तीन फतवे और आए तो 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी के ‘सक्षम नेतृत्व’ में कांग्रेस केंद्र की सत्ता में होगी.

एजेंडा आजतक कार्यक्रम के दौरान रावत ने सहकारी संघवाद को लेकर केंद्र की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री गैर बीजेपी शासित राज्यों की तकलीफ को समझने का प्रयास नहीं कर रहे हैं, जिन्हें केंद्र से धन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.

हरीश रावत ने कहा, ‘कुछ अपवादों को छोड़कर प्रत्येक व्यक्ति को नोटबंदी की तकलीफ महसूस हो रही है. इस कदम से अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ा है.’ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर पूरे देश में उनकी (प्रधानमंत्री मोदी) ओर से दो-तीन ऐसे निर्णय किए जाते हैं, ऐसे फतवे जारी होते हैं तो लोग राहुल गांधी को आकर्षक पाएंगे और उनके युवा नेतृत्व में 2019 में कांग्रेस सत्ता में आएगी.

कांग्रेस उपाध्यक्ष की प्रशंसा करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी एक सक्षम नेता हैं जो चुनौतियों को स्वीकार करते हैं. हरीश रावत ने राहुल की सराहना करते हुए बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन का उदाहरण दिया जहां कांग्रेस ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 27 सीटों पर जीत दर्ज की थी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरप्रदेश में भी उन्होंने जिम्मेदारी ली है. उनके साहस की सराहना की जानी चाहिए. उन्होंने चुनौतियों को स्वीकार किया है. राहुल ने 2009 के लोकसभा चुनाव में यूपीए सरकार की सत्ता में वापसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. एक या दो स्थानों पर पराजय से उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता.

केंद्र के सहकारी संघवाद पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार ने इस पर सच्ची भावना के साथ अमल नहीं किया क्योंकि गैर बीजेपी शासित राज्यों को कोष प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ा है.

मोदी के ‘प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के टीम इंडिया’ की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि अगर टीम इंडिया का कप्तान राज्यों के दर्द को नहीं समझेगा तो और कौन समझेगा? अभी गैर भाजपा शासित प्रदेशों के दर्द को नहीं समझा जा रहा है.

हरीश रावत ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि पूर्ववर्ती योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग को क्यों लाया गया? उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आने वाले समय में चुनाव होने वाले हैं और वहां दो दर्जन केंद्रीय मंत्री दौरा कर रहे हैं, लेकिन उनके पास राज्य के लोगों को बताने के लिए विकास का एजेंडा नहीं है.