जयललिता ही नहीं, भारत के इन 10 नेताओं का भी हुआ कार्यकाल के दौरान निधन

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का लंबी बीमारी के बाद सोमवार देर रात निधन हो गया. उनकी पिछले काफी दिनों से हालत गंभीर बनी हुई थी. रविवार शाम को उनको दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनको कृत्रम तरीके से सांस दी जा रही थीं.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जयललिता सिर्फ अकेली शख्सियत नहीं हैं, जिनकी सत्ता में रहते हुए मौत हुई है. इससे पहले भी कई नेताओं का अपने कार्यकाल के दौरान निधन हुआ है. ये है भारत के उन 10 जन-नेताओं की लिस्ट जिनका अपने कार्यकाल के दौरान निधन हुआ है

1. जवाहर लाल नेहरू
देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का निधन भी उनके कार्यकाल के दौरान हुआ था. साल 1962 के बाद से ही उनको स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां होने लगीं थीं और कहा जाता है कि दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हुआ था. उनके निधन के बाद उनकी बेटी इंदिरा गांधी को उनका पद संभालने के लिए कहा गया तो इंदिरा ने लाल बहादुर शास्त्री का समर्थन करते हुए ये पद नकार दिया.

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2. लाल बहादुर शास्त्री
जय जवान जय किसान का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री ने हमेशा ही नेहरू की नीतियों पर काम किया. उनके कार्यकाल के दौरान ही साल 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध हुआ था. लाल बहादुर शास्त्री का निधन भी दिल का दौरा पड़ने से हुआ था. जब लाल बहादुर शास्त्री का निधन हुआ था तब वो ताशकंद में थे.

3. जाकिर हुसैन
जाकिर हुसैन देश के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति थे, वह भारत के तीसरे राष्ट्रपति थे. 3 मई 1969 को उनकी राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए मौत हो गई. यही नहीं वो जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक और वो कुलपति भी रहे. स्वतंत्रता आंदोलन से करीब से जुड़े रहे जाकिर हुसैन बिहार के गवर्नर और देश के उपराष्ट्रपति भी रहे.

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4. फखरुद्दीन अली अहमद
फखरुद्दीन अली अहमद देश के पांचवे राष्ट्रपति रहे और वो ऐसे दूसरे राष्ट्रपति रहे जिनका निधन कार्यकाल के दौरान हुआ. उन्होंने साल 1974 से 1977 तक देश की सेवा की. साल 1925 में उनकी मुलाकात जवाहर लाल नेहरू से इंग्लैंड में हुई थी. इसके बाद वो कांग्रेस में शामिल हो गए और उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी हिस्सा लिया था.

5. इंदिरा गांधी
देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कई सालों तक देश की सेवा की. इंदिरा देश की प्रतिभाशाली प्रधानमंत्री रहीं. 31 अक्टूबर 1984 को उनके दो बॉडीगार्ड्स सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी. इंदिरा गांधी के कार्यकाल में ही साल 1975 में देश में पहली और अब तक आखिरी बार आपातकाल लागू किया गया. इस दौरान तमाम नागरिक अधिकारों को छीन लिया गया. इंदिरा के शासनकाल में ही 1971 की जंग हुई और बांग्लादेश के रूप में एक स्वतंत्र राष्ट्र का उदय हुआ.

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6. एमजी रामचंद्रन
मरुदुर गोपालन रामचन्द्रन एक अभिनेता, निर्देश, निर्माता और एक राजनेता रहे. उन्होंने मुख्य रूप से तमिल फिल्मों में ही काम किया. इसके साथ साथ वो तमिलनाडु के मुख्यमंत्री भी रहे. वो एमजीआर के नाम से भी मशहूर थे. उनका निधन 24 दिसंबर 1987 को मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए हुआ था.

7. बेअंत सिंह
कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता बेअंत सिंह पंजाब के मुंख्यमंत्री भी रहे. साल 1992 में मुख्यमंत्री बने बेअंत सिंह 31 अगस्त 1995 को एक आत्मघाती हमले में मारे गए. हमलावार ने चंडीगढ़ के सचिवालय परिसर में धमाका कर दिया, जिसमें बेअंत सिंह का निधन हो गया. ऐसा भी दावा किया जाता है कि इस हमले में 17 लोगों की मौत हुई थी.

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8. येदुगुरी संदिन्ती राजशेखर
राजनीतिक गलियारों में YSR के नाम से मशहूर येदुगुरी संदिन्ती राजशेखर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे. वो हमेशा ही चुनाव जीतने के लिए मशहूर रहे. 2 सितंबर 2009 को YSR का निधन एक हैलिकॉप्टर दुर्घटना में हो गया. 2 सितंबर 2009 को उनका बेल 430 हेलीकॉप्टर नल्लामल्ला के घने जंगलों के ऊपर से गुजरने के दौरान गायब हो गया था. YSR की मौत की खबर सुनकर कम से कम 122 लोगों ने आत्महत्या कर ली थी.

9. दोरजी खांडू
दोरजी खांडू अरुणाचल प्रदेश के छठे मुख्यमंत्री थे. साल 2009 में वे दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे. 30 अप्रैल 2011 को सेला पास के करीब उनका हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई. दोरजी खांडू ने भारतीय सेना के इंटेलिजेंस कॉर्प में भी करीब 7 साल तक काम किया था. बांग्लादेश युद्ध के दौरान उन्हें अपनी इंटेलिजेंस सेवाओं के लिए गोल्ड मेडल भी मिला था.

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10. मुफ्ती मोहम्मद सईद
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन शरीर के कई अंग खराब हो जाने के कारण 7 जनवरी 2016 को दिल्ली के एम्स में हुआ. वे पीडीपी के संस्थापक भी थे. सईद दो बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे, जबकि दिसंबर 1989 से नवंबर 1990 तक वे देश के गृहमंत्री भी रहे.