उत्तराखंड सरकार ने बनाया नया कानून | कूड़ा फैलाया तो होगी जेल, भारी जुर्माना भी लगेगा

स्वच्छता अभियान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम लोगों में अलख जगाने की कोशिश तो भरपूर की है. अब राज्य सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाना और कहीं भी थूकने पर कानून बनाकर पाबंदी लगाने की तैयारी कर ली है. अगर आप ऐसा करते हुए पाए गए तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

कहीं भी थूक देना और कूड़ा फेंक देना लोगों की सामान्य आदत बन गई है. यहां तक कि ऑफिस बिल्डिंग की सीढ़ियों पर रेलवे स्टेशन के ओवर ब्रिज और प्लेटफार्म पर तो अक्सर लोग थूक देते हैं. पान, गुटखा और तंबाकू खाने वाले तो थूकने के स्थान का भी ध्यान नहीं रखते. कहीं भी कूड़ा फेंक देने की आदत के शिकार रहते हैं. चलती गाड़ी से सड़क पर कूड़ा डालना, अपने गली-मुहल्ले में ही कुछ लोग घर का कूड़ा-गंदा कचरा भी डाल देते हैं. लेकिन ऐसा करने वालों की अब खैर नहीं.

राज्य सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकना और थूकना प्रतिषेध कानून बना दिया है. इस बिल को राज्य सरकार ने गैरसैंण में हुए सत्र में पास किया था और अब राज्यपाल ने बिल को मंजूरी दे दी है, जिसका कुछ दिन में गजट नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा.

इस प्रावधान के तहत- सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा रखना, फेंकना और फैलाना होगा प्रतिबंधित. सार्वजनिक स्थानों पर खाद्य पदार्थ फैलाना, गंदा लिक्विड फैलाना प्रतिबंधित रेत, मिट्टी, कंकड़ आदि को ऐसे जमा करने पर लगेगा दंड. खाद्य पदार्थों या पेय पदार्थों के खाली डिब्बे, बोतल आदि फैलाना भी प्रतिबंधित होगा. बिना अनुमति के रेत, बजरी अन्य भवन निर्माण सामग्री डालकर सड़क बंद करना, बिना पूर्व अनुमति के सड़क पर खटारा वाहन, गंदी टंकी, सीमेंट मिक्सर जैसे वाहन खड़े नहीं कर सकते. सार्वजनिक स्थानों पर थूकना, गुटखा या तंबाकू खाकर थूकना होगा अपराध होगा.

कानून का उल्लंघन करने पर होगी ये कार्रवाई

  • दोषी व्यक्ति को नगर निकाय का अधिकारी कूड़ा-सामग्री हटाने का नोटिस देगा
  • व्यक्ति द्वारा उसे नहीं हटाने पर निकाय हटाएगा, लेकिन खर्च दोषी व्यक्ति वहन करेगा
  • धारा 8 के अनुसार लोगों को अपने घरों के सामने सफाई रखने को कहा गया है
  • दोष सिद्ध होने पर 5 हज़ार का अर्थदंड या 6 महीने की जेल या दोनों एकसाथ भी हो सकते हैं
  • धारा 10 (1) में संदिग्ध व्यक्ति को 200 से 500 रुपये शुल्क देकर क्षमा मिल सकेगी
  • जुर्माना न देने पर स्थानीय निकाय में सामुदायिक सेवा भी करनी पड़ सकती है
  • गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होगा
  • इस कानून के उल्लघंन के अपराध असंज्ञेय और जमानती श्रेणी में रखे गए हैं

शहरी विकास विभाग के सचिव डीएस गर्ब्याल कहते हैं कि इस कानून को लागू करने में नगर निकायों की सबसे ज्यादा अहम भूमिका होगी. उधर अस्थायी राजधानी देहरादून के मेयर विनोद चमोली कहते हैं कि कूड़ा करकट फैलाने और स्वच्छता बनाए रखने को सख्ती करने की जरूरत तो है, लेकिन साथ ही नगर निकायों को मज़बूत करने की भी बेहद जरूरत है. इसलिए सरकार को इस तरफ भी ध्यान देना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा करीब दो साल पहले स्वच्छता को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया गया था. रोचक तथ्य ये भी है कि नई करेंसी पर भी आरबीआई द्वारा स्वच्छता अभियान का लोगों प्रकाशित किया गया है. गैरसैंण विधानसभा सत्र में पारित राज्य सरकार के कानून को राज्यपाल केके पॉल ने भी मंजूरी दे दी है.

स्वच्छता को लेकर नया कानून लागू होने से अस्पतालों और आबादी क्षेत्र के कुटीर धंधों को आसपास कचरा फैलाना आसान नहीं होगा. साथ ही भवन निर्माण सामग्री भी लोग आसानी से फैलाकर गलियां जाम नहीं कर पाएंगे.