कलियर में महिला से गैंगरेप, सबूत और गवाह भी मौजूद | पुलिस बता रही छेड़छाड़ का मामला

हरिद्वार जिले में रुड़की क्षेत्र स्थित शाहजी पीर पर जियारत करने आई एक महिला से गैंगरेप की घिनौनी हरकत सामने आयी। प्रत्यक्षदर्शी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मिलने के बावजूद कलियर पुलिस इसे सिर्फ छेड़छाड़ का मामला बता रही है. आखिर क्यों पुलिस इसे सिर्फ छेड़छाड़ का मामला बताकर रफादफा कर रही है, यह चर्चा शनिवार को लोगों की जुबान पर थी.

आरोप है कि पुलिस को मौके पर गुनहगारों तक पहुंचने के सुराग भी मिले, इसके बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की. इस मामले में थानाध्यक्ष कलियर ने दावा किया है कि पीड़ित महिला ने छेड़छाड़ की बात कही और वह कोई कार्रवाई नहीं चाहती थी, लिहाजा उसे उसके घर भिजवा दिया गया.

दरअसल शुक्रवार रात करीब आठ बजे अब्दाल साहब दरगाह के पास जंगल से एक महिला के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दी. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस पर उर्स की ड्यूटी के लिए पास के खानगाह में ठहरे पुलिसकर्मी और अन्य लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े. मौके पर पहुंचे तो एक महिला नग्नावस्था में पड़ी थी. उसके हाथ पीछे शर्ट से बंधे हुए थे, जबकि दो लोग भागते हुए देखे गए. महिला बोलने की स्थिति में नहीं थी.

इस पर लोगों ने उसके हाथ खोले और कपड़े पहनाने के बाद कलियर पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंचे चेतक पुलिसकर्मियों के साथ अन्य लोग पीड़ित महिला को कलियर थाने लाए. थाने में सभी के सामने पीड़ित महिला के बयान लिए गए.

उसने बताया वह प्रत्येक माह नौचंदी जुमेरात पर कलियर आती है. शुक्रवार रात वह जियारत कर लौट रही थी. इसी बीच दो लोग उसे जबरन जंगल की ओर उठा ले गए और हाथ बांधकर गैंगरेप किया.

प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी बताया कि पुलिस को मौके पर एक पर्स मिला था, जिसमें कुछ रुपये और एक पहचान पत्र (आईडी) भी था. पुलिसकर्मियों ने वह आईडी देखी भी. वे आपस में बात कर रहे थे कि यह जरूर रेप के गुनहगारों में से किसी एक का होगा.

घटना के संबंध में जब कलियर थाना प्रभारी मोहन सिंह से पूछा गया तो पहले उन्होंने इसे अफवाह करार दिया, बाद में कहा कि शुक्रवार रात किसी महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास खानगाह में ठहरे पुलिसकर्मी और अन्य लोग मौके पर गए थे. वहां, मध्यप्रदेश निवासी एक महिला मिली. वह बहुत घबराई हुई थी. उसने छेड़खानी की बात कही थी लेकिन, वह कोई कार्रवाई नहीं चाह रही थी. इसलिए उसे उसके घर के लिए रवाना कर दिया गया.

पर्स मिलने के सवाल पर थाना प्रभारी ने माना कि मौके से एक पर्स बरामद हुआ है. उसमें 300 रुपये थे, लेकिन किसी आईडी के मिलने की बात से उन्होंने साफ इनकार कर दिया.