विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर, 20 दिसंबर के आसपास हो सकता है तारीखों का ऐलान

उत्तरारखंड में विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती पहले ही शुरू हो चुकी है. निर्वाचन आयोग पहले ही चुनावों की तैयारी का पूरा रोडमैप भी बना चुका है. अब राज्य में चुनाव की तारीख को लेकर कवायद चल रही है.

उत्तराखंड के सियासी गलियारों में अब इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है कि आखिर विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कब होगी. यानी राज्य में चुनाव आचार संहिता कब लागू होगी. निर्वाचन आयोग के सूत्रों का कहना है कि 23 दिसंबर के बाद राज्य में कभी भी चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है.

दरअसल 2012 के विधानसभा चुनाव की अधिसचूना 24 दिसम्बर को जारी हुई थी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी का भी कहना है कि चुनाव की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. ऐसे में राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों की धड़कनें भी बढ़ी हुई हैं. समूचे उत्तराखंड में 10 हजार 854 पोलिंग बूथ पर मतदान होना है.

इस बार चार विधानसभा क्षेत्रों में वीवी पैट मशीन का इस्तेमाल होगा. इससे मतदाता देख सकेंगे कि उन्होंने किस प्रत्याशी को अपना मत दिया है. वीवी पैट मशीन का इस्तेमाल देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर के जिलों में की जाएगी.

इस बार राजनीतिक पार्टियां निर्वाचन आयोग से स्टार प्रचारकों, जनसभाओं और रैलियों के लिए ऑनलाइन परमिशन ले सकती है. वही मतदाता भी आयोग में ऑनलाइन अपनी शिकायतें को भी दर्ज करा सकते हैं.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी का कहना है कि चुनाव की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है.

राज्य अब चुनावी जंग के मुहाने पर पहुंचने जा रहा है. राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि जिन पार्टियों या निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनावी जंग में अपनी किस्मत आजमानी है. उनके पास अभी चुनावी रणनीति बनाने का करीब 20 दिन का वक्त है.

फिलहाल जिस तरह से निर्वाचन आयोग की तैयारी चल रही है, इससे साफ है कि उत्तराखंड अब चुनावी जंग के लिए तैयार हो चुका है. अब पूरे राज्य की नज़रें निर्वाचन आयोग पर टिंकी हैं कि आयोग प्रदेश में चौथे विधानसभा चुनाव की तारीखों ऐलान कब करता है.