राज्यपाल ने बताया रोजगार पाने और पलायन रोकने का ‘ये’ तरीका

उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के बढ़ते चलन के कारण इस क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण की छोटी-छोटी इकाइयां लगायी जा सकती हैं.

उद्योग मंडल एसोचैम की ओर से अस्थायी राजधानी देहरादून में आयोजित कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करणकर्ता सम्मेलन (एग्री एण्ड फूड प्रोसेसर्स कालक्लेव) में बतौर मुख्य अतिथि पाल ने अपने संबोधन में कहा, ‘वर्तमान में प्रसंस्करित खाद्य पदार्थों का प्रचलन बढ़ा है. खाद्य प्रस्संकरण के क्षेत्र में उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं. यहां खाद्य प्रसंस्करण की कई छोटी-छोटी इकाइयां लगाई जा सकती है, जिससे गांवों के छोटे कृषक भी अपने उत्पाद समय से इन इकाइयों में पहुंचा सकें.’

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के पास समय का अभाव होने के कारण आज इन खाद्य पदार्थों का चलन बढ़ गया है और बढ़ती मांग के अनुसार खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। हांलांकि, राज्यपाल ने बढ़ती मांग के अनुरूप प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता भी सुनिश्चित किए जाने की जरूरत पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध खुबानी, सेब, संतरा, नाशपती, अंगूर, आडू, लीची, आम, अमरूद के फलों को प्रसंस्कृत किए जाने से पहाड़ के कृषकों को इसका सीधा लाभ पहुंचेगा और राज्य में पलायन की समस्या को भी रोकने में भी मदद मिलेगी.

राज्यपाल ने कहा कि इन इकाइयों से यहां के युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा तो कृषक के साथ-साथ युवा भी कृषि की ओर आकर्षित होंगे.