राष्ट्रगान नहीं बजा तो सिनेमाघर से लौटी वंदना कटारिया

सुप्रीम कोर्ट के फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाने के आदेश से उत्साहित भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान वंदना कटारिया गुरुवार को हरिद्वार के एक सिनेमाघर में परिवार समेत फिल्म देखने पहुंची. लेकिन सिनेमाघर में आदेशों का पालन न होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा.

वंदना ने कहा कि तिरंगे के सम्मान के लिए कोर्ट के आदेश का इंतजार किसी भी भारतीय को करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि देशभर के सभी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजेगा. साथ ही राष्ट्रध्वज भी अनिवार्य रूप से स्क्रीन पर दिखाना होगा. बुधवार को हरिद्वार पहुंची भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान वंदना कटारिया गुरुवार को जब परिवार समेत सिडकुल क्षेत्र में स्थित एक मॉल के सिनेप्लेक्स में फिल्म डियर जिंदगी देखने पहुंची तो उन्हें आदेश अमल में आते नहीं दिखे.

वंदना के मुताबिक राष्ट्रगान के बिना ही फिल्म को शुरू कर दिया गया. इस बावत जब उन्होंने सिनेप्लेक्स के हेड संजीव कुमार से जानकारी मांगी तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश प्राप्त नहीं होने का हवाला दिया. इससे नाराज वंदना ने उन्हें नसीहत दे डाली कि एक भारतीय नागरिक को अपने देश के राष्ट्रगान व तिरंगे का सम्मान करने के लिए न्यायालय के आदेश का इंतजार करने की जरूरत नहीं. अगर हम अपने देश व राष्ट्रध्वज का सम्मान नहीं कर सकते तो हमें भारतीय होने का भी अधिकार नहीं. इसके बाद वंदना परिवार के सदस्यों के साथ वहां से लौट गयी.

भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान वंदना कटारिया ने बताया कि कोर्ट के फैसले के बिना ही हर भारतीय को राष्ट्रगान व राष्ट्रध्वज का सम्मान करना चाहिए. राष्ट्रध्वज हमारे देश की आन-बान व शान का प्रतीक है.