यहां न मैं सुरक्षित हूं, न यह जेल : देहरादून जेल अधीक्षक

देर से ही सही, लेकिन सुरक्षा को लेकर अस्थायी राजधानी देहरादून की डिस्ट्रिक जेल प्रशासन हरकत में आ गया है. जेल अधीक्षक ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को चिट्ठी भेजकर सुरक्षा बढ़ाने की गुहार लगाई है.

पत्र में उन्होंने आशंका जताई है कि जेल में कई कुख्यात बंद हैं, ऐसे में कभी भी नाभा जेल ब्रेक जैसी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता. पत्र में सुरक्षा की बदहाली पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा है कि प्रवेश द्वार की सुरक्षा महज एक कर्मचारी के भरोसे है, जबकि बाहरी सुरक्षा में भी महज कुछ ही सिविल पुलिस के लोग हैं.

जेल अधीक्षक महेंद्र सिंह ग्वाल ने एसएसपी डॉ. सदानंद दाते को पत्र लिख सुरक्षा खामियों को सामने रखा है. पत्र के अनुसार वर्तमान में जिला कारागार में लगभग 1300 बंदी हैं. इनमें प्रकाश पांडे उर्फ पीपी, जितेंद्र उर्फ जित्ती रावत, सुनील राठी गैंग के सुशील चौधरी, अनुभव वशिष्ठ, सुधीर, अनिल, नरेंद्र वाल्मीकि आदि के अतिरिक्त सुनील राठी का विरोधी चीनू पंडित को भी जेल में शिफ्ट किया गया है.

इनके अलावा हाई प्रोफाइल महेन्द्र भाटी हत्याकांड से संबंधित बंदी भी यहां मौजूद है. उन्होंने एसएसपी से गुजारिश की है जेल के मुख्य द्वार व बाहरी सुरक्षा बढ़ाई जाए. इसके लिए पीएससी के सशस्त्र बल तैनात किए जाएं.

एसएसपी को लिखे पत्र में जेल अधीक्षक महेंद्र सिंह ग्वाल ने खुद को भी खतरा बताया है. पत्र में उन्होंने कहा कि मैं और जेलर राकेश शर्मा भी सुनील राठी गैंग के निशाने पर हैं. इस सबके बावजूद जेल की सुरक्षा रामभरोसे है. पहले जेल के प्रवेश द्वार पर पीएसी का सशस्त्र एक प्लाटून तैनाती रहती थी, लेकिन एक साल पहले इसे हटा दिया गया.

पत्र में कहा गया है कि कुख्यात चीनू पंडित भी जिला कारागार में बंद हैं. इसलिए विरोधी सुनील राठी गैंग चीनू पंडित को कभी भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं. क्योंकि इससे पहले भी चीनू पंडित पर रुड़की जेल में हमला हो चुका है. खुद जेल अधीक्षक ने हमले की आशंका जाहिर की है.

जेल अधीक्षक ने कारागार के प्रबंधित परिसर में विजय भट्ट के रहने पर भी आपत्ति दर्ज करते हुए उसे भी वहां से हटाने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि वह ऐसी स्थिति में कारागार की सुरक्षा के लिए घातक सिद्ध हो सकता है.

देहरादून एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने कहा कि पंजाब की घटना के बाद पुलिस सतर्क है. जेल की सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए जेल में डेढ़ प्लाटून पीएससी को तैनात किया जा रहा है.