सहकारी बैंकों में नोटबंदी पर अगली सुनवाई 6 दिसम्बर को : हाई कोर्ट

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने समस्त जिला कोआपरेटिव बैंक व जिला सहकारी समितियों में पुराने हजार व पांच सौ के नोट जमा न करने संबंधि मामले पर अगली सुनवाई की तिथि छह दिसम्बर नियत की है. कोर्ट ने केंद्र सरकार से तब तक किसानों को बीज व खाद उपलब्ध कराने के लिये किये गये उपाय के बारे में पूछा है.

हल्द्वानी निवासी नीरज तिवारी ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि आठ नवम्बर 2016 को पांच सौ व एक हजार के नोटों को बंद कर दिये थे. परंतु 14 नवम्बर को आरबीआई ने एक नया शासनादेश जारी कर समस्त जिला सहकारी बैंकों व सहकारी समितियों पर पांच सौ व हजार के नोट बदलने पर रोक लगा दी.

याचिकाकर्ता का कहना था कि उत्तराखंड के सहकारी बैंकों में अधिकतर खातेदार ग्रामीण व किसान है. किसानों ने अभी खरीफ की फसल बेची है उसका समस्त रूपया इन्हीं बैंकों में जमा है वह रबी की फसल बोने के लिये धन नहीं निकाल पा रहे है. जिससे आने वाली फसल के उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पडे़गा. मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिये छह दिसम्बर की तिथि नियत की है.