भारत बंद : कालाधन तुम्हारा डूबा, धंधा हम बंद करें? आज दुकान दो घंटे ज्यादा खुलेगी

कालाधन तुम्हारा डूबा, धंधा हम बंद करें… 28 तारीख को दुकान दो घंटे ज्यादा खुलेगी. यह और इसी तरह के कई अन्य मैसेज व्हाट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक आदि पर पिछले दो-तीन दिन से खूब चल रहे हैं। जब से विपक्ष ने नोटबंदी के विरोध में सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया है, तभी से ऐसे मैसेजों की बाढ़ सी आ गई गई है.

एक दोस्त दूसरे से पूछता है ‘अरे भाई सुन सोमवार को भारत बंद क्यों है?’ दूसरा दोस्त उधर से जवाब देता है… ‘बदतमीजी कर रहा था, आजकल कई दिन से दफ्तर भी नहीं आ रहा था… इसलिए उसको पकड़कर एक दिन के लिए बंद किया जा रहा है.’

नोटबंदी के मुद्दे पर खुद प्रधानमंत्री ने एक ऐसी बात कह दी कि विपक्ष को तुरंत सफाई देनी पड़ी. पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, हम कालाधन और भ्रष्टाचार बंद कर रहे हैं… और वे भारत बंद कर रहे हैं. बस फिर क्या था, इसके बाद कांग्रेस ने तुरंत कह दिया किmodi-2002 वे भारत बंद नहीं बल्कि नोटबंदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगी.

एक मैसेज यह भी है, जिसने विवाद खड़ा कर दिया है. ’28 नवंबर को भारत बंद में मेरा सहयोग नहीं है। जो भी दुकान व शॉपिंग मॉल बंद रखेगा. भविष्य में मैं उसके यहां से कुछ नहीं खरीदूंगा. मैं देश व अपनी संतान के भविष्य के लिए कालेधन व भ्रष्टाचार दूर करने की प्रधानमंत्री की मुहिम में उनके साथ हूं. यदि आप भी प्रधानमंत्री के साथ हैं, तो इसे अपने मित्रों से शेयर करें.’

इस विवादित वाट्सएप के बाद देश के कई इलाकों में व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के समर्थन में दो घंटे अधिक दुकान खोलने की बात कह दी है, यानी प्रतिदिन सुबह नौ बजे खुलने और रात आठ बजे बंद होने वाली दुकानों को 28 नवंबर को रात दस बजे तक खोला जाएगा.

इस वाट्सएप से बाजारों में अफरातफरी का माहौल हो गया है, क्योंकि व्यापारी अब दबी जबान में कह रहे हैं कि कालेधन व भ्रष्टाचार की प्रधानमंत्री मुहिम का विरोध कौन करेगा? उसे लोग राष्ट्रद्रोही व समर्थन करने वाले को राष्ट्र भक्त मानेंगे.

हालांकि इस वाट्सएप के बाद कोई भी व्यापारी नेता खुद बाजार बंद कराने की पहल करना नहीं चाहता है. सभी नेता अपने प्रांतीय अध्यक्ष के आदेश आने का इंतजार करने में जुटे हैं. इस मामले पर सभी अपना पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहे हैं.