चुनाव सिर पर हैं और मुख्यमंत्री अब भी चहेतों को बांट रहे सरकारी पद

विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और सरकारी पदों पर अपने चहेतों को बैठाने का सिलसिला अब तक थमा नहीं है. पुनर्वासित समुदायों की समस्याओं के अध्ययन और इन समस्याओं से राज्य सरकार को अवगत कराने के लिए नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति तत्काल प्रभाव से गठित की गई है. समिति का गठन तो किया गया, लेकिन इसका कार्यकाल और अन्य शर्तों के संबंध में आदेश जारी नहीं किए गए हैं.

सरकारी पद पाने के लिए कांग्रेस के भीतर मारामारी है. बीते दिनों कई पदों को बांटा जा चुका है. विदित हो कि अब विधानसभा चुनाव में काफी कम वक्त बचा है. अब मुख्यमंत्री ने नौ लोगों को सरकारी पदों से नवाजा है.

नौ सदस्यीय समिति पुनर्वासित समुदायों की समस्याओं का अध्ययन करेगी और फिर राज्य सरकार को इन समुदायों की तात्कालिक व दीर्घकालिक समस्याओं से अवगत कराएगी.

समिति का कार्यकारी अध्यक्ष टीएचडीसी कॉलोनी देहराखास के पूरन सिंह रावत को बनाया गया है. शेष आठ सदस्यों में हरिद्वार जिले से चार, ऊधमसिंह नगर से दो और नैनीताल जिले से दो शामिल हैं.

इनमें बलवंत सिंह बोहरा चोरगलिया (हल्द्वानी), विक्रम खैरोला पथरी, (हरिद्वार), रोशनद्दीन गुज्जरबस्ती लालढांग (हरिद्वार), शमशेर सिंह भड़ाना पीलीपड़ाव (हरिद्वार) व मो. मुस्तफा चेची, (हरिद्वार), सरस्वती आजाद ग्राम मालधनचौड़, (नैनीताल), मनोज तिवारी ग्राम कल्याणपुर, सितारगंज व दान सिंह गब्र्याल, ग्राम सिद्व गब्र्यांग, सितारगंज से हैं.

इस समिति के गठन का आदेश आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास महकमे ने जारी किया है. आपदा प्रबंधन सचिव अमित नेगी के मुताबिक समिति का कार्यकाल व शर्तों के संबंध में अलग से कार्यवाही की जाएगी.