भारत के इस पूर्व सेनाध्यक्ष के अधीन काम कर चुके हैं नए पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष

पाकिस्तान में जनरल राहील शरीफ की जगह नए सेना प्रमुख बनाए गए जनरल कमर जावेद बाजवा का भारत को लेकर क्या रवैया होगा? यह ऐसा सवाल है जिस पर इस वक्त सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.

बाजवा के पास पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और उत्तरी क्षेत्रों में व्यापक भागदारी के कारण नियंत्रण रेखा से जुड़े मामलों का माहिर माना जाता है. ऐसे में आशंका है कि राहील शरीफ की तरह वह भी भारत के प्रति सख्त रुख अपनाए रह सकते हैं. हालांकि कई जानकारों का कहना है कि भारत के प्रति उनके रुख का आंकलन करना अभी थोड़ी जल्दबाजी होगी.

वहीं पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष बाजवा को काफी पहले से जानने वाले भारत के पूर्व सेनाध्यक्ष बिक्रम सिंह ने उनसे सतर्क रहने की सलाह दी है. जनरल बाजवा ने साल 2007 में कांगो में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में ब्रिगेड कमांडर के तौर पर जनरल बिक्रम सिंह के अधीन काम किया था.

बिक्रम सिंह ने बाजवा को ‘पूरा पेशेवर’ और ‘उत्कृष्ट प्रदर्शन वाला’ सैन्य अफसर बताया. वह कहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र में उनका प्रदर्शन काफी सराहनीय था, लेकिन जब एक सैन्य अधिकारी अपने देश लौटता है तो चीज़ें बदल जाती हैं. देश में उन्हें राष्ट्रीय हितों के हिसाब से काम करना पड़ता है.’

बिक्रम सिंह ने उम्मीद जताई कि बाजवा के निशाने पर पाकिस्तान के चरमपंथी होंगे न कि भारत, जैसा कि वो सार्वजनिक रूप से कई बार कह भी चुके हैं. जनरल सिंह ने कहा, ‘जनरल बाजवा 10वीं कोर के कमांडर रह चुके हैं, जो वहां की सबसे बड़ी कोर है. उन्हें भारत के प्रति अपने देश की नीति के बारे में बहुत अच्छे से जानकारी है. मुझे लगता है कि जहां तक पाकिस्तानी सेना की कश्मीर नीति का सवाल है, तो उसमें कोई बदलाव नहीं आने वाला.’

हालांकि उन्होंने इसके साथ कहा कि कमर बाजवा के आने के बाद अगर पाकिस्तानी सेना की रणनीति में बड़ा बदलाव आता है तो भारत को सतर्क रहने की जरूरत होगी.

पाक अधिकृत कश्मीर और उत्तरी इलाकों के मामलों से निपटने में माहिर माने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा मंगलवार को जनरल राहील की औपचारिक रिटायरमेंट के बाद पाकिस्तानी सेना का नेतृत्व संभालेंगे.

सैनिकों की संख्या के लिहाज से दुनिया की छठी सबसे बड़ी सेना के इस प्रमुख के पुराने सहयोगियों का कहना है कि वह चर्चाओं में रहना पसंद नहीं करते. ऐसे में अब देखना यही है कि वह आने वाले दिनों में किस तरह की सुर्खियां बटौरते हैं.