पानीपत : फैक्टरी में लगी भीषण आग, 12 जिंदा जले-कई झुलसे

पानीपत शहर के पास स्थित कुराड़ गांव में स्थित स्पिनिंग मिल में अचानक आग लग गई. इससे फैक्टरी में काम कर 12 लोग जिंदा जल गए. इनमें कई लोगों की फैक्टरी में ही मौत हो गई और कई ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. कई और लोगों की हालत नाजुक है. आग लगने से 30-32 लोग अंदर फंस गए. इनमें करीब 10-12 लोगों को बाहर निकाला गया. ये सभी झुलसे हुए थे. कई लोग फैक्टरी में ही जिंदा जल गए. झुलसे लोगों को शहर के अस्पताल में ले जाया गया.

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और अग्निशमन कर्मी आग बुझाने में जुट गए. मारे गए और झुलसे लोगों में अधिकतर बिहार और पश्चिम बंगाल के रहनेवाले बताए जा रहे हैं. उनके बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है. मरने वालों में पानीपत जिले के कुराड़ और सनौली भी दो लोग शामिल हैं. सिविल अस्पताल और फैक्टरी के बाहर कोहराम मचा हुआ है.

गांव कुराड़ में धागे की फैक्टरी में रोज की तरह काम हो रहा था. अचानक शाम करीब पौने पांच बजे फैक्टरी में आग लग गई. आग ने देखते-देखते विकराल रूप धारण कर लिया. फैक्टरी में काम कर रहे लोग कुछ समझ पाते और बाहर भाग पाते वे आग से घिर गए.

तुरंत फायर ब्रिगेड विभाग को सूचना दी गई और कई अग्निशमन गाड़ियां वहां पहुंच गईं. इस दौरान काफी संख्या में लोगों को बाहर निकाल लिया गया. वे सभी झुलस गए थे. इनमें कई लोगों की हालत बेहद गंभीर थी. उनको पानीपत के अस्पताल में भर्ती कराया गया. कई श्रमिक फैक्टरी में ही जिंदा जल गए. अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है. आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि आग शॉट सर्किट से लगी है.

रोड पर कुराड़ गांव है. गांव में एवी स्पीनर्स के नाम से स्पीनिंग मिल है. मिल में शाम 4.30 बजे कामकाज चल रहा था. अचानक बत्ती गुल हो गई. थोड़ी देर बाद जैसे ही बिजली आई शार्ट सर्किट से अचानक फैक्टरी में आग लग गई. लपटे तेजी से पूरी फैक्टरी में फैल गर्इ.

बताया जा रहा है कि उस समय 32 श्रमिक काम कर रहे थे. काफी संख्या में श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए. 12 मजदूरों के मौत की पुष्टि हो चुकी है. पुलिस मौके पर पहुंची. कंपनी के महाप्रबंधक को हिरासत में लेकर शवों की पहचान कराने के लिए सिविल अस्पताल ले गई. फैक्टरी के मालिक अजय व विजय गुप्ता पानीपत में गांधी मंडी के पास रहते हैं. देर शाम तक पांच दमकल गाड़ियां आग पर काबू पाने में जुटी है.

मालिक अजय व विजय गुप्ता फैक्टरी पर नहीं बैठते हैं. उनका बेटा गौरव देखभाल करता है. फैक्टरी में दो शिफ्टों में कार्य होता है. एक शिफ्ट में 22 श्रमिक काम करते हैं. बिहार व पश्चिम बंगाल के कुल 60 श्रमिक इसमें कार्य करते हैं. यह ओपन हैंड धागा बनाने की फैक्टरी थी. बताया जा रहा है कि फैक्टरी में एक ही गेट है. साथ में लगती फैक्टरी की दीवार जेसीबी से तोड़ कर राहत व बचाव किया गया और शवों को निकाला गया.