IndvsEng पहला दिन : मोहाली टेस्ट में खराब शुरुआत के बाद इंग्लैंड ने की वापसी

इंग्लैंड ने पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) स्टेडियम में भारत के साथ जारी तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन शनिवार को खराब शुरुआत के बाद अच्छी वापसी करते हुए दिन का खेल खत्म होने तक अपनी पहली पारी में आठ विकेट के नुकसान पर 268 रन बना लिए हैं. स्टम्प्स तक आदिल राशिद (4), गारैथ बैटी के साथ विकेट पर टिके हुए हैं. बैटी ने खाता नहीं खोला है.

इंग्लैंड ने पहले सत्र में चार अहम विकेट गंवा दिए थे, लेकिन दूसरे सत्र में जॉनी बेयरेस्टो (89) ने बेन स्टोक्स (29) और जोस बटलर (43) के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कर टीम को संभाला और इस सत्र में एक विकेट के नुकसान पर 113 रन जोड़े.

दिन के अंतिम सत्र में भी इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारत के उन्हें ऑल आउट करने के मंसूबों पर पानी फेर दिया. दिन के अंतिम सत्र में इंग्लैंड ने तीन विकेट गंवाए और 63 रन बनाए. बेयरेस्टो आखिरी सत्र में जयंत यादव की गेंद पर एलबीडब्ल्यू करार दिए गए. उन्होंने अपनी पारी में 177 गेंदें खेलते हुए छह चौके लगाए.

बटलर भी तीसरे सत्र में पवेलियन लौटे. उन्हें रवींद्र जडेजा ने कप्तान विराट कोहली के हाथों कैच कराया. हालांकि स्टुअर्ट ब्रॉड की जगह टीम में शामिल किए गए क्रिस वोक्स ने बेयरेस्टो के साथ सातवें विकेट के लिए 45 रनों की एक और महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए इंग्लैंड की वापसी कराई और उसे बेहतर स्थिति में ला दिया. वोक्स उमेश यादव का शिकार बने.

पहले सत्र में 92 रनों पर चार विकेट गंवाने वाली इंग्लैंड ने दिन के दूसरे सत्र में अच्छी वापसी की और स्टोक्स के रूप में सिर्फ एक विकेट ही गंवाया. भोजनकाल तक बेयरेस्टो 20 और स्टोक्स पांच रनों पर नाबाद लौटे थे. दिन के दूसरे सत्र में इन दोनों बल्लेबाजों ने शानदार बल्लेबाजी की और पांचवें विकेट के लिए 57 रन जोड़े.

साझेदारी मजबूत होती जा रही थी, लेकिन तभी स्टोक्स ने जडेजा की गेंद को आगे बढ़कर मारने का प्रयास किया, इसमें वह पूरी तरह से चूक गए और पार्थिव पटेल ने उन्हें आसानी से स्टंम्प किया.

बेन डकेट की जगह इस मैच में टीम में शामिल किए गए बटलर ने बेयरेस्टो के साथ पारी को आगे बढ़ाया. बटलर के आने के बाद बेयरेस्टो ने जडेजा की गेंद पर चौका मारते हुए 76 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया.

यहां से इन दोनों ने संयम के साथ बल्लेबाजी की और बिना जोखिम लिए पारी को आगे बढ़ाया और चायकाल तक विकेट नहीं गिरने दिया. दोनों ने छठे विकेट के लिए 69 रनों की साझेदारी की.

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड को तीसरे ओवर में ही बड़ा झटका लग गया होता. रवींद्र जडेजा अगर मोहम्मद समी की गेंद पर तीसरी स्लिप पर इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक का कैच पकड़ लेते तो भारत को बड़ी सफलता मिल जाती. 11वें ओवर में भी समी की गेंद पर रविचन्द्रन अश्विन ने कुक का दूसरा कैच टपकाया.

हालांकि 10वें ओवर में उमेश यादव ने हसीब हमीद (9) को 32 के कुल योग पर पवेलियन भेज मेजबानों को पहली सफलता जल्द ही दिला दी थी. इंग्लैंड के जोए रूट (15) से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन वह 15वें ओवर में 51 के कुल स्कोर पर जयंत की गेंद पर एलबीडब्ल्यू करार दिए गए.

इंग्लैंड के खाते में एक रन भी नहीं जुड़ा था कि अगले ही ओवर में अश्विन ने कुक का कैच छोड़ने की भरपाई की. उन्होंने ओवर की पहली ही गेंद पर इस टेस्ट से टीम में वापसी कर रहे विकेटकीपर पार्थिव पटेल के हाथों कुक को कैच करा उनकी 27 रनों की पारी का अंत किया.

समी भी आखिरकार भोजनकाल से पहले अपने खाते में विकेट डालने में कामयाब रहे. उन्होंने 27वें ओवर में मोइन अली को मुरली विजय के हाथों कैच का मेहमानों को चौथा झटका दिया.

भारत की तरफ से उमेश यादव, जयंत और रवींद्र जडेजा ने दो-दो विकेट लिए. रविचन्द्रन अश्विन और मोहम्मद समी को एक-एक विकेट मिला.