विधानसभा चुनावों के समय हो सकते हैं दंगे और आतंकी घटनाएं : राजनाथ सिंह

उत्तराखंड सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सुरक्षाबलों से चुनाव प्रक्रिया के दौरान ‘शातिर’ राजनीतिक अभियानों और बाहरी चरमपंथी ताकतों द्वारा शांति भंग करने की कोशिशों को लेकर सतर्क रहने का आह्वान किया.

उन्होंने हैदराबाद में तीन दिवसीय वार्षक डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि कुछ राज्यों में शीघ्र ही चुनाव होंगे तथा चुनाव प्रक्रिया का शांतिपूर्ण समापन सुनिश्चित कराना पुलिस प्रमुखों की जिम्मेदारी है.

उन्होंने कहा, ‘हमें उन बाहरी चरमपंथी तत्वों के खिलाफ चौकसी बरतनी होगी जो पंजाब में अशांति फैलाने का प्रयास कर सकते हैं. हाल के महीनों में सिख आतंकवादियों की गतिविधियां बढ़ी हैं.’

उन्होंने कहा, ‘इसी तरह मणिपुर में हमें जातीय विभाजन को ध्यान में रखकर शांति सुनिश्चित करनी होगी. उत्तर प्रदेश में भी शातिर चुनावी अभियानों के माध्यम से कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश हो सकती है. हमें चुनाव के दौरान कड़ी चौकसी रखनी होगी और शांति सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त कदम उठाने होंगे.’ बता दें कि अगले साल की शुरुआत में उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मणिपुर और गोवा में चुनाव होने हैं.

हैदराबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी में इस सम्मेलन में राज्यों एवं संघशासित प्रदेशों के करीब 100 पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के महानिदेशक हिस्सा ले रहे हैं. राजनाथ ने कहा कि खुद से ही कट्टरपंथ के मार्ग पर बढ़ने और एकल हमलों का खतरा बढ़ रहा है तथा आतंकवाद एवं भारत विरोधी गतिविधियों के प्रति पाकिस्तान के समर्थन में कोई कमी नहीं आयी है.

उन्होंने कहा, ‘हम सभी जानते हैं कि एक पड़ोसी देश भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होकर, आतंकवादियों को प्रशिक्षण देकर एवं आतंकवादी हमले करने के लिए उन्हें भारत भेजकर देश के पूर्वी हिस्से में लोगों को उकसाने की कोशिश में लगा हुआ है. इन सभी प्रयासों के बाद भी देश में शांति बनाए रखने का श्रेय सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों को जाता है.’

उन्होंने आईएसआईएस का जिक्र करते हुए कहा, ‘अबतक 67 युवक आतंकवादी हमले की साजिश रचने को लेकर गिरफ्तार किए गए जो आईएसआईएस के प्रभाव में आए थे. हमें ऐसे मंसूबों के खिलाफ पूरी तरह चौकस रहना होगा. पूरी दुनिया आईएसआईएस की आतंकी गतिविधियों को लेकर चिंतिंत है. हमारे देश के लिए एक बड़ी चुनौती है. मुझे विश्वास है कि हम साथ मिलकर आईएसआईएस द्वारा पेश चुनौती का मुकाबला कर लेंगे.

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 1000 और 500 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद होने से आतंकवादियों, नक्सलियों और अन्य अवांछित तत्वों पर बहुत बुरा असर पड़ा है.