राजधानी गैरसैंण पर पशोपेश में सरकार, जनता को फिर पकड़ाया झुनझुना

विधानसभा उपाध्यक्ष एपी मैखुरी ने गैरसैंण को स्थाई राजधानी और अस्थायी राजधानी देहरादून को शीतकालीन राजधानी बनाने का बयान दिया है. अब सवाल उठ रहा है कि गैरसेंण को लेकर पशोपेश में पड़ी सरकार विधानसभा उपाध्यक्ष के बयान के बहाने गैरसेंण पर जनता का राय लेने की कोशिश करेगी. ताकि गैरसैंण पर कोई फैसला लिया जा सके.

अब सवाल है कि विधानसभा उपाध्यक्ष चाहते हैं गैरसैंण स्थाई राजधानी बहे. लेकिन गैरसैंण सत्र में इस पर क्यों कोई चर्चा नहीं हो पाई. आखिर सरकार कोई फैसला क्यों नहीं ले पा रही है. ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो राज्य की जनता के मानस पटल पर उभर रहे होंगे.

अभी तक गैरसैंण को लेकर स्पष्ट रूप से कुछ भी बोलने से सत्तापक्ष के लोग बचते रहे हैं. लेकिन अब विधानसभा उपाध्यक्ष अनुसूईया प्रसाद मैखुरी ने कहा है कि गैरसैंण को स्थायी और देहरादून को शीतकालीन राजधानी बना देना चाहिए. क्योंकि देहरादून में अवस्थापना विकास को देखते हुए देहरादून के महत्व को कम नहीं आंका जा सकता है.

सवाल यह है कि डिप्टी स्पीकर ने ये बयान किसी सोची समझी रणनीति के तहत दिया है या यह उनकी निजी राय है. ताकि इस प्रस्ताव पर राज्य की जनता का फीडबैक सामने आ सके और सरकार को फैसला लेने में आसानी हो. इसका संकेत खुद डिप्टी स्पीकर भी दे रहे हैं. डिप्टी स्पीकर एपी मैखुरी का कहना है कि मेरे विचार पर अपनी राय देते हुए जनता को अपने जनप्रतिनिधियों से अपनी बात कहनी चाहिए और जिससे जनप्रतिनिधि सरकार तक फीडबैक पहुंचा सकें.

अनुसुईया प्रसाद मैखुरी कर्णप्रयाग से कांग्रेस के विधायक हैं. गैरसैंण भी उन्ही की विधानसभा क्षेत्र में शामिल है. जाहिर है कि गैरसैंण को लेकर स्पष्ट रूप से अपनी इच्छा जाहिर करने की उनसे उम्मीद भी की जाती है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर नीजि विचार को सरकारी विचार बनाने में दिक्कतें क्या आ रही हैं.

यह पहली बार है जब डिप्टी स्पीकर मैखुरी ने गैरसैंण को राजधानी बनाने को लेकर इस तरह कुछ खुलकर बोला है. स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल भी गैरसैंण को राजधानी बनाने की बात तो करते रहे हैं लेकिन अवस्थापना विकास वे भी जरूरी मानते हैं.