नोटबंदी : राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा| पीएम काले धन के समर्थन का आरोप कैसे लगा सकते हैं, माफी मांगें

नोटबंदी को लेकर संसद में हंगामा जारी है. नोटबंदी पर बहस के लिए विपक्षी दल पीएम मोदी को संसद बुलाने पर अड़े हुए हैं. सभी दलों का कहना है कि नोटबंदी से आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है. पीएम को इस पर फैसला लेना चाहिए. शुक्रवार सुबह 11 बजे से लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई. राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने पीएम को बुलाने की मांग के साथ फिर हंगामा किया. विपक्षी दलों ने पीएम से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग की जिसमें पीएम ने कहा था कि विपक्ष को हमारी तैयारियों से दिक्कत नहीं हैं बल्कि नोटबंदी के ऐलान ने उन्हें तैयारी करने का मौका नहीं दिया इसलिए भड़के हैं वो. हंगामे के बाद राज्यसभा दोपहर 2:30 तक स्थगित कर दी गई है.

कांग्रेस के गुलाब नबी आजाद ने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग विपक्ष पर संसद को डिरेल करने का आरोप लगा रहे हैं लेकिन सरकार ने तो देश को ही डिरेल कर दिया. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री की नीयत ठीक है तो वे संसद से भाग क्यो रहे हैं.

संसद भवन में नोटबंदी को लेकर सरकार पर हमलावर रुख इख्तियार करने वाले विपक्ष की शुक्रवार सुबह बैठक हुई.

इससे पूर्व गुरुवार विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया, क्योंकि लंच के बाद पीएम मोदी सदन की कार्यवाही में शामिल होने नहीं आए. इस पर अरुण जेटली ने कहा था कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है, ऐसी कोई परंपरा नहीं है कि पीएम पूरे समय चर्चा में बैठे रहें.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को लेकर राज्यसभा में सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि नोटबंदी से जीडीपी में 2 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. नोटबंदी के अमल में काफी अव्यवस्था दिख रही है. बदइंतजामी से लोग परेशानी हैं. पीएम को इस योजना को रचनात्मक तरीके से लाना चाहिए था. पीएम ने लोगों से 50 दिन मांगे हैं, जो लोगों पर भारी पड़ेंगे. आरबीआई और पीएमओ इसे लागू करने में पूरी तरह फेल रहे. आपने ऐसा किस देश में सुना है कि पैसा जमा कराने के बाद निकालने की इजाजत नहीं होती.

सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि यह फैसला यूपी चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया. आपके पास जितनी करेंसी उसका 10 प्रतिशत ही दे पाए. वित्तमंत्री को भी भरोसे में न लेना कितना सही है. यही नहीं काली स्याही लगाने का निर्णय भी पूरी तरह गलत है.

उधर, गुरुवार को नोटबंदी को लेकर लोकसभा में भी हंगामा हुआ. संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्षी समाजवादी पार्टी के सांसद अक्षय यादव ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन पर कागज के टुकड़े फेंक दिए. इससे गुस्साई लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी और माना जा रहा है कि यादव के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.