सावधान! आज कहीं जाने से पहले सोच लें, 70 फीसदी बसें हड़ताल पर

एक सूत्री मांग को लेकर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की हड़ताल के चलते गुरुवार से उत्तराखंड में करीब 70 प्रतिशत बसों के चक्के थम जाएंगे. बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

संगठन के महामंत्री अशोक चौधरी का कहना है कि सरकार और निगम प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, इसलिए अब गुरुवार से हड़ताल का फैसला लिया गया है.

अशोक चौधरी ने कहा कि हमारी एकमात्र मांग आउटसोर्स कर्मचारियों को विनियमित करने की है. बीते 16 अक्टूबर को भी मांग को लेकर बसों का संचालन बंद किया गया था. इसके बाद भी शासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई. ऐसे में गुरुवार से राज्य में 70 प्रतिशत बसों का संचालन बंद किया जाएगा.

इस दौरान कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर रहेंगे. उन्होंने कहा कि महाप्रबंधक संचालन मांगों पर गोलमोल जवाब दे रहे हैं. जब तक स्थिति एकदम साफ नहीं होगी, हड़ताल जारी रहेगी. इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै, मुकेश वर्मा, रामअवध यादव, बलदेव सिंह, हरेंद्र कुमार, मो. जमील खां आदि मौजूद रहे.

उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को अस्थायी राजधानी देहरादून के गांधी रोड स्थित मंडलीय प्रबंधक कार्यालय पर धरना दिया. इस दौरान कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया. उन्होंने मांगें जल्द पूरी नहीं होने पर 28 नवंबर को परिवहन निगम मुख्यालय पर धरना देने का ऐलान किया.

वक्ताओं ने आउससोर्स के जरिए कार्यरत ड्राइवर, कंडक्टर, तकनीकी और उपनल के माध्यम से तैनात कार्मिकों को विभागीय संविदा का शासनादेश जारी करने की मांग की. साथ ही निगम प्रबंधन के साथ पूर्व में हुए समझौतों का क्रियान्वयन न होने पर रोष जताया.

27 नवबंर तक मांगों को पूरा न करने पर 28 नवंबर को निगम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया. वहीं, गुरुवार से शुरू हो रहे उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के कार्य बहिष्कार को समर्थन देने का भी निर्णय लिया गया.

रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद और मंडलीय प्रबंधक, संचालन के बीच बुधवार को हुई वार्ता विफल हो गई. प्रतिनिधिमंडल ने महीने की पहली तारीख को वेतन देने, ड्राइवरों के खाली पदों को भरने, ट्रांसपोर्ट नगर देहरादून से बसों का संचालन शुरू करने सहित 13 मांगें रखी. जिस पर परिषद और निगम प्रबंधन के बीच सहमति नहीं बनी.

इसके बाद परिषद ने 25 नवंबर को होने वाली हड़ताल को यथावत रखने का निर्णय लिया. साथ ही ड्राइवरों की कमी को पूरा नहीं करने पर 28 से चक्काजाम करने का निर्णय लिया.

वार्ता के दौरान निगम प्रबंधन की ओर से मंडलीय प्रबंधक संचालन अनूप रावत, सहायक महाप्रबंधक कार्मिक क्रांति सिंह, सहायक महाप्रबंधक वित्त भूपेंद्र कुमार मौजूद थे. वहीं, संगठन की ओर से प्रेम सिंह रावत, क्षेत्रीय अध्यक्ष दिनेश पंत, विपिन बिजल्वाण, अनुराग नौटियाल, मोहित कपिल, नवीन कुकरेती आदि उपस्थित रहे.