उत्‍तराखंड में अब बाहरी वाहनों पर हर दिन लगेगा टैक्स!

उत्तराखंड में बाहर से आने वाले वाहनों को अब प्रतिदिन के हिसाब से एंट्री टैक्स देना पड़ सकता है. इसके लिए वाहन स्वामी अथवा चालक को एंट्री प्वाइंट पर ही इस संबंध में अपने उत्तराखंड प्रवास के संबंध में जानकारी देनी होगी.

इसके लिए दरों को कम करने की भी कवायद की जा रही है. हालांकि, प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से आने वाले मंत्री, राज्यमंत्री, विधायक व विधान परिषद के सदस्यों को इस दायरे से बाहर रखा है.

वर्ष 2012 में प्रदेश सरकार ने बाहर से आने वाले वाहनों पर टैक्स लगाने के लिए उत्तराखंड परिवहन एवं नागरिक अवस्थापना उपकर अधिनियम बनाया था. इसके तहत बाहर से आने वाले निजी व व्यवसायिक वाहनों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करते हुए इन पर वन टाइम एंट्री टैक्स की व्यवस्था की गई थी.

इसके तहत वाहनों को 30 रुपये से लेकर 60 रुपये तक एंट्री टैक्स देना होता है. अब सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय लिया है. हाल ही में गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र में सरकार ने इस अधिनियम का नाम परिवर्तित करते हुए उत्तराखंड अवस्थापना एवं सड़क सुरक्षा उपकर अधिनियम 2016 कर दिया है.

इसके साथ ही इसमें इसकी धारा एक व तीन और द्वितीय अनुसूची में भी संशोधन किया है. धारा एक के तहत अधिनियम का नाम प्रवर्तित किया गया है. धारा तीन में किए गए संशोधन के तहत मूल अधिनियम में उल्लेखित स्पष्टीकरण को निरस्त कर दिया गया है. इसी स्पष्टीकरण में बाहर से आने वाले वाहनों पर वन टाइम एंट्री टैक्स की व्यवस्था की गई थी.

इस धारा में उल्लेखित स्पष्टीकरण को निरस्त करने के निर्णय के बाद यह माना जा रहा है कि सरकार वन टाइम एंट्री टैक्स के स्थान पर प्रतिदिन के हिसाब से एंट्री टैक्स वसूलने की तैयारी कर रही है. वहीं, मूल अधिनियम में विभिन्न राज्यों के विधानसभा व विधानसभा परिषद के सदस्यों का उल्लेख नहीं था. संशोधित अधिनियम में इन्हें भी शामिल किया गया है.

वाहनों से हर दिन टैक्स लिए जाने समेत कई अन्य मुद्दों के संबंध में बीती शाम को विधानसभा में बैठक भी हुई. बैठक में इस बात पर मंथन किया गया कि इसे किस प्रकार से लागू किया जाए.