INDvsENG टेस्ट मैच : टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 246 रन से हराया, विराट मैन ऑफ द मैच, सीरीज में 1-0 से आगे

टीम इंडिया-फाइल फोटो

टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज के तहत विशाखापटनम में खेले गए दूसरे टेस्ट में विशाल अंतर से जीत दर्ज करते हुए सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. पांचवें दिन इंग्लैंड की टीम 405 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लंच के बाद 158 रन पर ही ढेर हो गई. इस प्रकार टीम इंडिया को 246 रनों से बड़ी जीत हासिल हो गई. जॉनी बेयरस्टॉ (34) रन पर नाबाद रहे. टीम इंडिया की ओर से दोनों ऑफ स्पिनर आर अश्विन और जयंत यादव ने 3-3 विकेट लिए, जबकि मोहम्मद शमी और रवींद्र जडेजा ने 2-2 विकेट चटकाए. इंग्लैंड की उम्मीदें जो रूट से थीं, जिन्होंने विराट के हाथों जीवनदान पाने के बाद 25 रन बनाए, लेकिन आगे टिक नहीं पाए. विराट कोहली को मुश्किल विकेट पर पहली पारी में 167 रन और दूसरी पारी में 81 रन की अहम पारी खेलने के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया.

इंग्लैंड का विकेट पतन : 1/75 (हसीब हमीद- 25), 2/87 (एलिस्टर कुक- 54), 3/92 (बेन डकेट- 0), 4/101 (मोईन अली- 2), 5/115 (बेन स्टोक्स- 6), 6/115 (जो रूट- 25), 7/129 (आदिल राशिद- 4), 8/143 (जफर अंसारी- 0), 9/158 (स्टुअर्ट ब्रॉड- 5), 10/158 (जेम्स एंडरसन- 0)

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टीम इंडिया ने रविवार को चौथे दिन के खेल के अंतिम ओवर में जमकर खेल रहे एलिस्टर कुक (54) को आउट कर बड़ी सफलता हासिल की थी, वहीं सोमवार सुबह भी उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही, क्योंकि दिन के तीसरे और पारी के 63वें ओवर में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने अश्विन की गेंद पर जो रूट को जीवनदान दे दिया. उन्होंने लेग स्लिप पर रूट का कैच छोड़ा. इसके बाद अश्विन ने 87 रन से आगे खेलने उतरी इंग्लैंड टीम को तीसरा झेटका महज 5 रन बाद ही दे दिया और बेन डकेट बिना खाता खोले ही विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को कैच दे बैठे. इंग्लैंड के स्कोर में 9 रन ही जुड़े थे कि रवींद्र जडेजा की फिरकी ने कमाल किया और मोईन अली गच्चा खा गए. अली ने बैकवर्ड शॉर्ट लेग पर कप्तान कोहली को कैच थमाया.

इंग्लैंड को पांचवां झटका ऑफ स्पिनर जयंत यादव ने दिया. यादव की फुल लेंथ गेंद पर बेन स्टोक्स चकमा खा गए और गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए गिल्लियां उड़ा गई. स्टोक्स ने 6 रन बनाए. इंग्लैंड की उम्मीदें जो रूट से थीं, लेकिन वह भी जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाए और मोहम्मद शमी ने उन्हें विकेटों के सामने पकड़ लिया और अंपायर ने पगबाधा आउट करार दिया. रूट ने रीव्यू भी लिया, लेकिन उससे भी उन्हें मदद नहीं मिल सकी. मोहम्मद शमी ने आदिल राशिद को सातवें विकेट के रूप में अपना दूसरा शिकार बनाया. आठवां विकेट अश्विन ने लिया, तो जयंत यादव ने अंतिम दोनों विकेट झटके.

टीम इंडिया ने इंग्लैंड के सामने जो लक्ष्य रखा है, वह लगभग असंभव है, क्योंकि भारतीय धरती पर किसी भी विदेशी टीम के चौथी पारी के स्कोर पर एक नजर डालें, तो वह 5 विकेट पर 276 रन रहा है, जो वेस्टइंडीज ने नवंबर, 1987 में भारत के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में बनाया था और जीत दर्ज कर ली थी. इसके बाद न्यूजीलैंड की ओर से अहमदाबाद टेस्ट, 2003 में बनाए गए 6 विकेट पर 272 रन हैं, जो ड्रॉ रहा था. ऐसे में विशाखापटनम के टर्न लेते विकेट पर इंग्लैंड को करिश्माई बल्लेबाजी ही जीत दिला सकती है. अन्यथा हार तय है.

चौथे दिन विराट रिकॉर्ड से चूक गए थे

विराट ने विशाखापटनम टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में 167 रन बनाए थे और दूसरी पारी में 81 रन पर ही आउट हो गए. इस तरह उन्हें मायूस होना पड़ा. विराट कोहली से पहले पांच भारतीय बल्लेबाज ऐसे रहे, जो अपने 50वें टेस्ट की किसी एक पारी में ही शतक लगा पाए थे. इनमें पाली उमरीगर (112), गुंडप्पा विश्वनाथ (124, 31), सुनील गावस्कर (13, 221), कपिल देव (13, 100*) और वीवीएस लक्ष्मण (178 रन) शामिल हैं.

कप्तान कोहली ने कप्तान के रूप में शतक बनाने के मामले में सचिन तेंदुलकर की बराबरी कर ली है. उन्होंने कप्तान के तौर पर अब तक 7 शतक लगा दिए हैं, जबकि सचिन के नाम भी 7 शतक ही हैं. कोहली फिलहाल मो. अजहरुद्दीन (9 शतक) और सुनील गावस्कर (11 शतक) से पीछे हैं.

चौथा दिन : इंडिया 204 पर सिमटी, रखा 405 का लक्ष्य

चौथे दिन टीम इंडिया की पारी 204 रन पर ही सिमट गई. विराट कोहली के 50वें टेस्ट में दूसरी पारी में भी शतक बनाकर रिकॉर्ड कायम करने से चूकने के बाद टीम टीम इंडिया का कोई भी बल्लेबाज टिक नहीं पाया. हालांकि टीम इंडिया ने पहली पारी में मिली 204 रनों की बढ़त के सहारे 405 रन का लक्ष्य रखने में कामयाब रही. इसके बाद इंग्लैंड ने विशाल लक्ष्य के दबाव में नहीं आते हुए शानदार शुरुआत की. लंबे इंतजार के बाद आर अश्विन को 75 रन के स्कोर पर सफलता मिली, जब उन्होंने ओपनर हसीब हमीद को 25 के निजी स्कोर पर पगबाधा आउट कर दिया. हमीद ने कुक के साथ 75 रन जोड़े. दिन के अंतिम ओवर में रवींद्र जडेजा ने एलिस्टर कुक को 54 रन पर आउट कर इंग्लैंड को बड़ा झटका दिया. इंग्लैंड की ओर से गेंदबाजी में स्टुअर्ट ब्रॉड और आदिल राशिद ने 4-4 विकेट, वहीं जेम्स एंडरसन और मोईन अली ने एक-एक विकेट लिया.

टीम इंडिया का विकेट पतन : 1/16 (मुरली विजय- 3), 2/17 (लोकेश राहुल- 10), 3/40 (चेतेश्वर पुजारा-1), 4/117 (अजिंक्य रहाणे-26), 5/127 (आर अश्विन- 7), 6/130 (ऋद्धिमान साहा- 2), 7/151 (विराट कोहली- 81), 8/162 (रवींद्र जडेजा- 14), 9/162 (उमेश यादव- 0), 10/204 (मोहम्मद शमी- 19)

तीसरा दिन : अश्विन के पंजे में फंसे अंग्रेज

इंग्लैंड की टीम तीसरे दिन 255 रन पर ही ऑलआउट हो गई. वह फॉलोऑन में फंस गई थी, लेकिन टीम इंडिया ने गेंदबाजों को आराम देने और दो से अधिक दिन का खेल बचा होने के कारण बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन वह शुरुआती दौर में मुश्किल में फंस गई, जब उसके 40 रन पर ही 3 विकेट लौट गए. मुरली विजय (3), लोकेश राहुल (10) और पहली पारी के शतकवीर चेतेश्वर पुजारा (1) ने निराश किया. हालांकि बाद में कप्तान विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे ने पारी को संभाला और मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. दोनों स्कोर को 3 विकेट पर 98 रन तक पहुंचा दिया. भारत ने पहली पारी की 200 रन की बढ़त को मिलाकर कुल 298 रन की अहम बढ़त हासिल कर ली. पिच के मिजाज को देखते हुए 350 रन से अधिक का कोई भी लक्ष्य इंग्लैंड के लिए बेहद मुश्किल होगा.

सुबह इंग्लैंड ने दूसरे दिन के स्कोर 5 विकेट पर 103 रन से पारी को आगे बढ़ाया. उसके शुक्रवार के नाबाद बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टॉ और बेन स्टोक्स ने लंच से कुछ देर पहले तक जमकर बल्लेबाजी की और ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया को विकेट के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा, लेकिन टीम का स्कोर 190 तक पहुंचा ही था कि बेयरस्टॉ ने एकाग्रता खो दी. फिर तो उनके विकेटों का पतझड़ शुरू हो गया और देखते ही देखते पूरी टीम 255 रन पर सिमट गई. इंग्लैंड की ओर से बेन स्टोक्स ने सर्वाधिक 70 रन बनाए और जॉनी बेयरस्टॉ के साथ 110 रन की साझेदारी की. बेयरस्टॉ और जो रूट ने 53-53 रन, तो आदिल राशिद ने 32 रनों का योगदान दिया. टीम इंडिया की ओर से आर अश्विन ने 29.5 ओवर में 67 रन देकर 5 विकेट, तो मोहम्मद शमी, उमेश यादव, रवींद्र जडेजा और जयंत यादव ने एक-एक विकेट चटकाया. अश्विन ने 22वीं बार पारी में 5 या अधिक विकेट लिए हैं.

दूसरा दिन : अश्विन छाए, कोहली दोहरे शतक से चूके

दूसरे दिन टीम इंडिया के फैन्स को उम्मीद थी कि कप्तान विराट कोहली दोहरा शतक लगाएंगे, लेकिन वह 267 गेंदों में 167 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने पारी में 18 चौके लगाए. उनके अलावा अश्विन ने 58, तो जयंत यादव ने 35 रनों की पारी खेली, जबकि पहले दिन चेतेश्वर पुजारा ने 119 रन बनाए थे. इस प्रकार भारत की पहली पारी 455 रनों पर समाप्त हो गई. इंग्लैंड की ओर से तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन, मोईन अली ने 3-3 विकेट, जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड, बेन स्टोक्स और आदिल राशिद ने एक-एक विकेट चटकाया. चायकाल के समय तक इंग्लैंड ने एक विकेट पर 34 रन बना लिए थे.

गेंदबाजी में भारत की ओर से आर अश्विन ने बल्ले के बाद गेंद से भी कमाल किया और इंग्लैंड के दो विकेट झटके. टीम इंडिया को पहली सफलता तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने दिलाई और कप्तान एलिस्टर कुक (2) को बोल्ड कर दिया, जबकि हसीब हमीद को जयंत यादव के वाइड थ्रो पर विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा ने शानदार तरीके से रनआउट किया. हमीद ने 13 रन बनाए और जो रूट के साथ 47 रन की साझेदारी की. रूट का साथ देने आए बेन डकेट अधिक देर नहीं टिक पाए और 5 रन के निजी स्कोर पर अश्विन की गेंद पर बोल्ड हो गए. इंग्लैंड ने 72 रन पर ही 3 विकेट खो दिए. स्कोर में 7 रन और जुड़े थे कि अश्विन ने जो रूट को उमेश यादव के हाथों कैच करा दिया. रूट ने 53 रनों की बेहतरीन पारी खेली. 80 रन पर इंग्लैंड ने पांचवां विकेट खो दिया. जयंत यादव ने अपना पहला टेस्ट विकेट डीआरएस के माध्यम से हासिल किया. उन्होंने मोईन अली को पगबाधा आउट करके पैवेलियन भेजा. दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 5 विकेट पर 103 रन बना लिए थे.

पहला दिन : पुजारा-कोहली का जलवा

दूसरे टेस्ट के पहले दिन के खेल का मुख्य आकर्षण विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा की बल्लेबाजी रही. खासतौर से पुजारा ने जिस तरह से विकेट के चारों ओर शॉट लगाए, वह दर्शनीय रहा. इतना ही नहीं उन्होंने स्वभाव के विपरीत दो छक्के भी जड़े और हां उन्होंने अपना शतक दूसरे छक्के से ही पूरा किया. हालांकि टॉस जीतने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के लिए शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 6 के स्कोर पर ही गौतम गंभीर की जगह चोट के बाद वापसी कर रहे लोकेश राहुल का विकेट गंवा दिया. उसे दूसरा झटका भी जल्दी ही लग गया, जब राजकोट के शतकवीर ओपनर मुरली विजय भी टेस्ट में 3000 रन पूरे करने के बाद 20 के निजी स्कोर पर जेम्स अंडरसन का शिकार हो गए. ऐसे में चेतेश्वर पुजारा का साथ देने आए कप्तान विराट कोहली ने मोर्चा संभाला और दूसरे विकेट के लिए 226 रन की रिकॉर्डतोड़ साझेदारी की. हालांकि कोहली को 56 के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला.