कानपुर : इंदौर-पटना ट्रेन दुर्घटना में मृतकों की संख्या 121 तक पहुंची

मध्य प्रदेश के इंदौर से बिहार की राजधानी पटना जा रही इंदौर-राजेंद्र नगर एक्‍सप्रेस ट्रेन (19321) रविवार तड़के करीब 3 बजे कानपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 121 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 200 लोग घायल हैं. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

देखें इस हादसे की दर्दनाक तस्वीरें

यह हादसा कानपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर पुखरायां के पास हुआ. जहां ट्रेन के करीब 14 डब्बे पटरी से उतर गए. इनमें से 4 डिब्‍बे बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त बताए जा रहे हैं.

उत्‍तर रेलवे के प्रवक्‍ता विजय कुमार ने बताया कि डॉक्‍टर और रेलवे के वरिष्‍ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. अभी ट्रेन के पटरी से उतरने की वजहों के बारे में पता नहीं चला है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस दुर्घटना की प्रकृति और समय यह दिखाते हैं कि दुर्घटना पटरी में टूट-फूट के कारण हुई है. हालांकि असल वजह का पता जांच के बाद ही चल पाएगा.

trainderailment_kanpur

कुमार ने साथ ही कहा कि यात्रियों को उनकी आगे की यात्रा में मदद करने के लिए बसें तैनात कर दी गई हैं. उन्होंने कहा कि कोच संख्या एस-2 बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. चार एसी डिब्बे भी पटरी से उतर गए हैं.

कानपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक जकी अहमद ने कहा कि घायलों को इलाके में स्थित अस्पतालों में ले जाया गया है. सभी अस्पतालों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. 30 से ज्यादा एंबुलेंस काम में लगा दी गई हैं. उन्होंने बताया कि 250 से ज्यादा पुलिसकर्मी राहत एवं बचाव अभियानों में मदद कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पटना-इंदौर एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के कारण हुई मौतों पर वह अपने दर्द को शब्दों में बयां नहीं कर सकते. प्रधानमंत्री ने साथ बताया कि उन्होंने रेलमंत्री सुरेश प्रभु से बात की है, जो कि खुद हालात पर करीबी नजर रखे हुए हैं.

वहीं रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने सुबह ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया और बताया कि राहत एवं बचाव का काम जारी है. सारी मेडिकल सहायता दी जा रही हैं. रेल मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को घटनास्थल पर भेजा गया है. सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है.

प्रभु ने साथ ही बताया कि घटना के बाद हालात पर करीबी से नजर रखी जा रही है. जांच के आदेश दे दिए गए हैं और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डीजीपी को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को खुद राहत बचाव की निगरानी के निर्देश दिए हैं। दुर्घटना के वक्त अंधेरा होने के चलते बचाव कार्य फौरन बाद ठीक से शुरू नहीं हो पाया. फिलहाल बचाव और राहत का कार्य चल रहा है. अखिलेश यादव ने पुलिस महानिदेशक को राहत अभियान पर खुद नजर रखने को कहा है. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को भी मौके पर भेजा गया है.

रेलवे ने इस हादसे से जुड़ी जानकारी के लिए हेल्‍पलाइन नंबर जारी किए हैं. पटना – 0612- 2202290, 0612-2202291, 0612-2202292, मुगलसराय- 05412-251258, 05412-254145, हाजीपुर- 06224-272230, झांसी – 05101072, उरई- 051621072, कानपुर – 05121072, पुखरयां- 05113-270239

इस साल हुए ट्रेन हादसे
देशभर में अक्सर ट्रेन के पटरी से उतरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं. हालांकि, इसको लेकर रेलवे की पटरी और पुरानी बोगियो पर विशेषज्ञ सवाल उठते रहे हैं.

19 नवंबर 2016 – शनिवार की रात करीब 2 बजे राजस्थान के गंगानगर में शनिवार को बठिंडा-जोधपुर पैसेंजर ट्रेन के पटरी से उतर जाने के चलते 12 लोग घायल हो गए.

4 नवंबर 2016 – मध्यप्रदेश के सिंगरौली-जबलपुर रेलवे लाईन पर मंझौली-देवग्राम स्टेशन के बीच एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. इसके चलते काफी देर तक यह रूट बाधित रहा. हालांकि, इस घटना में किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ.

20 अक्टूबर 2016 – उड़ीसा के मालीगुड़ा और जाटरी स्टेशन के बीच एक मालगाड़ी की आठ बोगी पटरी से उतर गईं. इसके बाद कोरापुट की रेल सेवाएं काफी प्रभावित हुई. लेकिन, इस हादसे में भी किसी तरह का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है.

अक्टूबर में ही फिलौर और लुधियाना स्टेशन के बीच झेलम एक्सप्रेस पैसेंजर ट्रेन की 10 बोगियों के पटरी से उतर जाने के चलते तीन लोग घायल हो गए थे.

27 अगस्त 2016 – तिरूवनंतपुरम-मैंगलोर एक्सप्रेस की 12 बॉगी कोच्चि से करीब 45 किलोमीटर दूर कारुकुट्टी स्टेशन के नजदीक पटरी से उतर गई. इस हादसे में भी किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ.