70 साल में पहली बार इन स्कूलों में पहुंचा अधिकारी, टीचर-अभिभावक खुश

देश को आजाद हुए 70 साल हो चुके हैं और उत्तराखंड राज्य को बने भी 17 साल का वक्त हो गया है. लेकिन इतने समय के बाद शुक्रवार को 13 किमी की पैदल दूरी नापकर उप-शिक्षाधिकारी पंकज कुमार चकराता विकासखंड के दुर्गम स्थान पर स्थित प्राथमिक विद्यालय बनियाना और शिवा पहुंचे, तो अभिभावकों की खुशी का ठिकाना न रहा. अभिभावकों ने अफसर का स्वागत कर उनका आभार जताया. उन्होंने कहा कि अफसर यदि यहां आएंगे तो शिक्षा के स्तर में जरूर सुधार होगा.

बता दें कि ये दोनों ही स्कूल विकासखंड के दुर्गम स्कूल हैं. मुख्य सड़क से यहां पहुंचने के लिए लोगों को 12-15 किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है. शुक्रवार को उप-शिक्षाधिकारी पंकज कुमार अकेले ही दोनों स्कूलों के लिए रवाना हुए.

मिंडाल गांव से करीब तीन घंटे की पैदल दूरी नापने के बाद वह प्राथमिक विद्यालय बनियाना पहुंचे. स्कूल में 33 छात्र पढ़ रहे हैं. निरीक्षण के दौरान 21 छात्र उपस्थित मिले. स्कूल में दो शिक्षक हैं. एक शिक्षक ट्रेनिंग पर मिले. उसके बाद उन्होंने पास ही स्थित प्राथमिक विद्यालय शिवा का भी निरीक्षण किया. यहां 22 छात्र पढ़ हैं और निरीक्षण के दौरान 18 छात्रों के साथ ही दोनों शिक्षक उपस्थित मिले.

अफसर ने दोनों स्कूलों में शिक्षकों के मेहनत और तन्मयता से शिक्षण कार्य कराने पर उनकी पीठ थपथपाई. उप-शिक्षाधिकारी के आने की खबर लगते ही विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष गुड्डू, पूर्व प्रधान सोहन सिंह, अध्यापक मदी राम आदि स्कूल पहुंच गए.

उन्होंने बताया कि यह पहला मौका है जब आजादी के बाद कोई राजपत्रित अधिकारी गांव में पहुंचा है. उप-शिक्षाधिकारी ने बताया कि दुर्गम क्षेत्र में तैनात चारों शिक्षक नीरो देवी, दीपक शर्मा, तेजपाल और जगवीर का शिक्षा के प्रति जज्बा देखते ही बनता है. चारों शिक्षक बड़ी शिद्दत के साथ स्कूल भवन को मेंटेन रखने के साथ ही छात्रों को पढ़ा रहे हैं.