दादी मां का संदूक खुला तो निकला ‘पुराना खजाना’, परिवारजन और बैंक मैंनेजर भी हैरान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को देश के नाम संदेश देते हुए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की तो सिर्फ काली कमाई की कलई ही नहीं खुली, बल्कि महिलाओं की छिपाई गई बचत भी परिवार के सामने आ गई. ऐसा ही एक मामला पौड़ी जिले के कोटद्वार में भी देखने को मिला.

अपनी बुजुर्ग मां के साथ बैंक पहुंचा व्यक्ति सीधे बैंक मैनेजर के कमरे में आया और उन्हें बताया कि वह 25 लाख रुपये जमा करना चाहता है. मैनेजर ने इतनी बड़ी रकम के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वृद्ध मां को पेंशन के रूप में अच्छी खासी रकम मिलती है. वे इस राशि को बक्शे में जमा करती रहीं. जब पुराने नोट पर प्रतिबंध लगा तो घर के बच्चों ने अपने गुल्लक की जमा पूंजी निकालनी शुरू की.

इस पर दादी ने भी अपने पोतों से रुपये बदलने को कहा. नाम न छापने की शर्त पर उस व्यक्ति ने बताया कि जब बक्शे में जमा धनराशि गिनी तो पूरे 25 लाख निकली. इतनी बड़ी रकम से परिवार भी सोच में पड़ गया. बैंक अधिकारियों ने बताया कि इसमें घबराने जैसी बात नहीं है, क्योंकि यह धनराशि पेंशन की है.