गैरसैंण सत्र में जोरदार हंगामे के बीच पारित हुए कई विधेयक, विपक्ष ने किया बॉयकाट

चमोली जिले के भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में निर्माणाधीन विधानसभा में विशेष सत्र के पहले ही दिन स्थायी राजधानी के मुद्दे पर विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा काटा. वेल में नारेबाजी के बीच विपक्ष ने कहा कि सरकार गैरसैंण पर स्थिति साफ करे. नेता विपक्ष अजय भट्ट ने मांग की कि सरकार गैरसैंण में राजधानी पर जो भी निर्णय लेगी, वह उसके साथ खड़े हैं.

विपक्ष के शोर-शराबे और हंगामे के बीच सरकार अपना काम निपटाती रही. लंच के बाद गैरसैंण के मसले पर सरकार से क्षुब्ध विपक्ष ने शेष सत्र का बॉयकाट कर दिया. इस बीच सरकार ने सदन में विपक्ष की अनुपस्थिति में कई विधेयक और संकल्प प्रस्ताव पास किए. सदन में 1507 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी पेश कर दिया गया.

स्थायी राजधानी के मुद्दे पर भराड़ीसैंण विधानभवन में गुरुवार को हंगामे के साथ सत्र शुरू हुआ. विपक्ष के गैरसैंण को स्थायी या अस्थायी (ग्रीष्मकालीन) राजधानी घोषित करने की मांग के बीच पहले सत्र में जमकर हंगामा हुआ. सरकार विपक्ष के गैरसैंण पर स्थिति साफ करने से बचती दिखी.

पीठ से आदेश के बाद विपक्ष प्रश्नकाल चलाने को राजी हो गया. प्रश्न के संतोषजनक उत्तर न मिलने पर विपक्ष ने कुछ सेकंड के लिए सांकेतिक बहिर्गमन किया. शून्य काल में विपक्ष गैरसैंण पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग को लेकर अड़ा रहा. उधर, ट्रेजरी बेंच ने विपक्ष के वेल में हंगामे के बीच अपने आठ विधेयक पटल पर रख अपना बिजनेस निपटाया.

सुबह 11 बजे शुरू हुए प्रश्नकाल में सरकार के मंत्रियों के विपक्ष के सवालों में उलझने से दिख रहा था कि मंत्री बिना होमवर्क के ही पहुंच गए हैं. विपक्ष के पाले में केवल 13 विधायक थे, जबकि शेष परिवर्तन यात्रा के चलते अनुपस्थित रहे.

प्रश्नकाल के बाद 12:10 बजे शून्य काल शुरू होते ही विपक्ष के विधायक सुरेंद्र सिंह जीना, गणेश जोशी, हरभजन चीमा, पूरण सिंह फर्त्याल सहित अन्य वेल में उतर आए. गैरसैंण पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग के साथ नारेबाजी की. विपक्ष ने नियम 310 के तहत गैरसैंण और दो अन्य मुद्दों पर बहस के लिए सूचनाएं दीं, लेकिन सरकार ने केवल पलायन के मुद्दे पर बहस के लिए स्वीकृति देकर अन्य दो प्रस्ताव खारिज कर दिए.

लंच के बाद मदन कौशिक ने गैरसैंण पर चर्चा कराने की मांग की. नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर गैरसैंण पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा. लेकिन सरकार बिजनेस निपटाती चली गई. भट्ट ने सवाल किया कि क्या सरकार विवि बनाने के लिए गैरसैंण आई है? इसके बाद उन्हें अवशेष सत्र का बहिष्कार कर दिया.

इस बीच सदन की कार्यवाही चलती रही. सदन पटल पर बारी-बारी से बिल पेश हुए और फटाफट पास हो गए. इसके बाद 1507 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट व तीन संकल्प प्रस्तावों को भी सर्वसम्मति से पारित करा दिया गया.

विपक्ष ने इसके बाद आक्रामक तेवर दिखाते हुए बैनर पोस्टर निकाल कर वेल में प्रदर्शन शुरू कर दिया, लेकिन सत्ता पक्ष ने पहले सत्र के लिए निर्धारित बिजनेस को निपटाया. हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने पहला सत्र दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दिया.