विशाखापट्टनम टेस्ट (पहला दिन) : कोहली-पुजारा के शतकों से भारत मजबूत स्थिति में

कप्तान विराट कोहली (नाबाद 151) और चेतेश्वर पुजारा (119) की शतकीय पारियों की बदौलत भारत ने डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीसीए क्रिकेट स्टेडियम में चल रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन गुरुवार को इंग्लैंड के खिलाफ अपनी स्थिती मजबूत कर ली है. दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने चार विकेट के नुकसान पर 317 रन बना लिए हैं. स्टम्प्स तक कोहली के साथ रविचन्द्रन अश्विन एक रन बनाकर विकेट पर टिके हुए हैं.

अपने पसंदीदा मैदान पर अपना 50वां मैच खलेने उतरे कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ अपनी खराब फॉर्म को पीछे छोड़ते हुए टीम को मजबूती प्रदान की. वह अभी तक 241 गेंदो का सामना करते हुए 15 चौके मार चुके हैं. कोहली इस मैदान पर खेल के सभी प्रारूपों में पिछले पांच मैचों में सभी में अर्धशतक लगाने में कामयाब रहे हैं.

भारत ने पहले सत्र में लोकेश राहुल (0) और मुरली विजय (20) के विकेट गंवाए. लेकिन इसके बाद पुजारा और कोहली ने शानदार साझेदारी करते हुए टीम की स्थिति को मजबूत किया. दोनों ने चायकाल तक तीसरा विकेट नहीं गिरने दिया. चायकाल में जाने से पहले पुजारा अपने 10वें शतक से तीन और कोहली अपने शतक से नौ रन दूर थे.

तीसरे सत्र में दोनों ने अपने शतक पूरे किए. विकेट के लिए परेशान हो रही इंग्लिश टीम को अपने सबसे अनुभवी और सफल गेंदबाज ने कामयाबी दिलाई. चोट से उबर कर इस मैच में वापसी करने वाले जेम्स एंडरसन ने पुजारा को 248 के स्कोर पर विकेट के पीछे जॉनी बेर्यस्ट्रो के हाथों कैच करा उनकी पारी का अंत किया.

पुजारा ने 204 गेंदें खेलते हुए 12 चौके एवं दो छक्के लगाए. उन्होंने कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 226 रनों की साझेदारी की. यह इंग्लैंड के खिलाफ 2002 के बाद से भारत की तरफ से तीसरे विकेट के लिए पहली शतकीय साझेदारी है.

इससे पहले सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने तीसरे विकेट के लिए इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले में 150 रनों की साझेदारी की थी. पुजारा ने इसके साथ ही अपने 3,000 रन भी पूरे कर लिए हैं. वह इस मैच से पहले इस मुकाम को हासिल करने से महज तीन रन दूर थे. पुजारा के बाद मैदान पर आए उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे (23) ने अपने कप्तान का अच्छा साथ दिया और चौथे विकेट के लिए 68 रन जोड़े.

कोहली और रहाणे की जोड़ी लय में थी, लेकिन एक बार फिर एंडरसन अपनी टीम को सफलता दिलाने में कामयाब रहे. उन्होंने दिन का खेल खत्म होने से नौ गेंद पहले रहाणे को विकेट के पीछे बेर्यस्ट्रो के हाथों कैच कराया.

टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को हालांकि अपेक्षित शुरुआत नहीं मिली. चोट से उबरकर टीम में वापसी करने वाले युवा बल्लेबाज राहुल दूसरे ही ओवर में खाता खोले बगैर पवेलियन लौट गए. स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए गली में खड़े बेन स्टोक्स के हाथों में समा गई.

दूसरे सलामी बल्लेबाज विजय टेस्ट करियर में 3000 रन पूरा करने के ठीक बाद एंडरसन का शिकार हो गए. चार चौके लगाकर बेहतरीन लय में दिख रहे मुरली एंडरसन की बाउंस पर बीट हुए और गेंद उनके ग्लव्स से टकराकर सीधा स्टोक्स के पास गई, जिसे कैच करने में स्टोक्स ने कोई गलती नहीं की.

एंडरसन ने भारत के तीन बल्लेबाजों को आउट किया, जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड को एक सफलता मिली.