गैरसैंण में विधानसभा सत्र शुरू, पहले दिन विपक्ष का स्थायी राजधानी सहित कई मुद्दों पर हंगामा

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित राज्य की प्रस्तावित राजधानी गैरसैंण में निर्माणाधीन विधानसभा भवन में गुरुवार से विधानसभा सत्र शुरू हुआ। स्थायी राजधानी के मद्देनजर गैरसैंण की स्थिति स्पष्ट किए जाने, भोजनमाताओं का मानदेय बढ़ाने, घोषणा के अनुरूप चार जिले बनाए जाने के मुद्दों को लेकर विपक्षी बीजेपी ने जोरदार हंगामा किया.

हालांकि, हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही जारी रही और प्रश्नकाल के अलावा कई विधेयकों को पेश किए जाने के साथ ही सीएजी की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी गई.

सुबह 11 बजे सत्र के शुरू होते ही सदन में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने राजधानी के मद्देनजर गैरसैंण के बारे में स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि गैरसैंण में अब तक सात बार इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होने के बावजूद इस बारे में सरकार की ओर से कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है.

भट्ट ने कहा कि एक ओर इस भवन में विधानसभा सत्र हो रहा है और दूसरी ओर सरकार शासनादेश जारी कर इसे पर्यटकों के उपयोग के लिए खोलने की योजना पर काम कर रही है.

भट्ट की शंकाओं का समाधान करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विधानसभा भवन का विधानसभा के लिए उपयोग किए जाने की सरकार की मंशा की जानकारी दी.

बाद में शुरू हुए प्रश्नकाल के दौरान भी विभागीय मंत्रियों और बीजेपी सदस्यों के बीच नोंक-झोंक होती रही. भोजनमाताओं के मानदेय के मुद्दे को उठाते हुए बीजेपी सदस्य मदन कौशिक ने कहा कि उन्हें दिया जा रहा पचास रुपये प्रतिदिन का मानदेय नाकाफी है और राज्य सरकार को न्यूनतम मजदूरी के बराबर मानदेय भोजनमाताओं को देना चाहिए.

इस मुद्दे पर सरकार के रुख से नाखुश बीजेपी विधायकों ने सदन से बहिर्गमन भी किया. नए जिलों के सृजन की मांग को लेकर भी बीजेपी विधायकों ने जबरदस्त हंगामा किया. गैरसैंण समेत बीजेपी सरकार के दौरान घोषित किए गए चार जिलों को तत्काल बनाए जाने की मांग उठाते हुए बीजेपी विधायक विशन सिंह चुफाल ने सदन में पोस्टर भी लहराए. चुफाल के साथ बाद में सुरेन्द्र सिंह जीना सहित कई विधायक पोस्टर के साथ अध्यक्ष के आसन के सामने भी आ गए.

हंगामे के बीच ही विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल ने विधानसभा की कार्यवाही जारी रखी. रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय विधेयक और हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय विधेयक 2016 को पुर्नविचार हेतु सदन में रखा गया. इसके अलावा, सदन में भूमि अर्जन, पुर्नवासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियमावली के साथ नियंत्रक महालेखा परीक्षक का 2015-16 के विनियोग लेखे सदन के पटल पर रखे गए.

खुशगवार मौसम में शुरू हुए सत्र में विधानसभा उपाध्यक्ष अनुसूया प्रसाद मैखुरी मेजबान की भूमिका में दिखे. मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के साथ पत्रकारों की आगवानी और पुष्पमालाएं अर्पित करने के साथ लोक कलाकारों की ओर से परम्परागत लोकनृत्य चलते रहे.