‘नोटबंदी का फैसला सराहनीय, 200 रुपये के नोट जारी करे सरकार’

अखिल भारतीय उद्योग संघ (एआईएआई) ने नोटबंदी के बाद उपजी नकदी की समस्या के समाधान के लिए गुरुवार को सरकार से 200 रुपये के नए नोट लाने का अनुरोध किया. एआईएआई के अध्यक्ष विजय कलांत्री ने नोटबंदी के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि नोटबंदी के बाद लोगों को अभी परेशानी हो रही है, लेकिन इसका असर लंबे समय में सामने आएगा.

उन्होंने कहा, ‘बैंकों को छोटे नोटों की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है और आम आदमी को 2,000 रुपये के नए नोटों से दैनिक जरूरतें पूरी करने में परेशानी उठानी पड़ रही है.’

2000 रुपये के ये नए नोट पुराने नोटों की तुलना में आकार में छोटे हैं और एटीएम मशीनों को उनके अनुरूप बदला भी नहीं जा सका है, परिणामस्वरूप एटीएम से कम मात्रा में राशि निकासी हो पा रही है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है.

लोगों को हो रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए कलांत्री ने कहा कि सरकार को 200 रुपये के नए नोट जारी करने के बारे में विचार करना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को नोटबंदी की तैयारी और बेहतर तरीके से करनी चाहिए थी और लोगों को इस बारे में जागरुक करना चाहिए था, इससे दहशत की मौजूदा स्थिति न बनती.

कलांत्री ने कहा कि इतने दिनों के बाद भी एटीएम बूथों और बैंकों के बाहर आम आदमी लंबी-लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं, वहीं अनौपचारिक अर्थव्यवस्था सर्वाधिक प्रभावित हुई है और गरीबों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.