रुड़की : बेटी के इलाज के लिए पैसे लेने बैंक गए थे पिता, बीमार बेटी की मौत

घर में बेटी बीमार थी. पिता उसे अस्पताल में दिखाना चाहते थे, लेकिन घर में पुराने नोट थे। फिर क्या था, पिता नोट बदलवाने बैंक गए, लेकिन वहां पर लंबी लाइन के चलते ज्यादा वक्त लग गया. जब तक वह रुपये लेकर घर पहुंचते बीमार बेटी ने दम तोड़ दिया.

हरिद्वार जिले में रुड़की के झबरेड़ा में खाताखेड़ी गांव निवासी जिंदा हसन की 12 साल की बेटी नीरा पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थी. जिंदा हसन ने बताया कि बेटी के इलाज के लिए रुपये नहीं थे.

वह रुपये बदलवाने के लिए मंगलवार को इकबालपुर स्थित एक बैंक में गए थे. उन्होंने सोचा था कि बैंक से रुपये बदलवाकर वह बेटी को डॉक्टर के पास लेकर जाएंगे.

इसलिए हसन रुपये बदलवाने के लिए बैंक पहुंचे, लेकिन वहां बेहद लंबी लाइन थी. वह लाइन में लग गए. करीब चार घंटे के बाद उनका नंबर आया.

जब वह रुपये लेकर घर पहुंचे तो इलाज के अभाव में उसकी बेटी की मौत हो चुकी थी. जिंदा हसन का कहना है कि यदि उन्हें बैंक से रुपये बदलवाकर लाने में इतना समय न लगता तो बेटी का समय से इलाज हो जाता और उनकी बेटी बच जाती.