बुलंदशहर गैंगरेप कांड : कोर्ट ने कहा, बिना शर्त माफी मांगे आजम खां

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के विवादास्पद मंत्री आजम खां को गुरुवार को निर्देश दिया कि सनसनीखेज बुलंदशहर गैंगरेप कांड पर कथित टिप्पणियों के लिए वह ‘बिना शर्त माफी’ मांगें. इसके साथ ही कोर्ट ने ऐसे मामलों में उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों से उत्पन्न स्थिति से निबटने के लिए अटार्नी जनरल की मदद मांगी है.

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताव राय की पीठ ने पुरानी कहावत को दोहराया कि एक बार बोले गए शब्द वापस नहीं लिए जा सकते और पीठ ने आजम खां की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से कहा, ‘यदि आजम खां बिना शर्त माफी मांगने संबंधी हलफनामा दाखिल करते हैं तो यह मामला खत्म है.’ कोर्ट इस मामले में अब सात दिसंबर को आगे सुनवाई करेगा.

सुनवाई के दौरान सिब्बल ने न्यायाधीशों से कहा कि हालांकि आजम खां ने इस मामले के पीड़ितों के बारे में ऐसा नहीं कहा था जो उनके हवाले से कहा बताया गया है, परंतु यदि पीड़ित के पिता किसी भी तरह से ‘अपमानित या आहत’ महसूस करते हैं तो समाजवादी पार्टी का यह नेता क्षमा याचना के लिए तैयार है.

इस पर पीठ ने कहा, ‘दो सप्ताह के भीतर बिना शर्त क्षमा याचना का हलफनामा दाखिल किया जाए.’ पीठ ने कहा कि वह अभिव्यक्ति और बोलने की आजादी और सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के बयानों से बलात्कार सहित जघन्य मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में पहले तैयार किए गए सवालों पर विचार करेगा.

पीठ ने महिला की गरिमा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करने पर जोर देते हुए राज्य सरकार से कहा कि वह यह सुनिश्चित करे कि गैंगरेप की शिकार नाबालिग लड़की को उसके पिता की पसंद के किसी नजदीकी केन्द्रीय स्कूल में दाखिला मिले.